
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का ट्रॉमा सेंटर रविवार को रणक्षेत्र बन गया। रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ आपस में भिड़ गए। नर्सिंग स्टाफ अंदर धरने पर बैठा है, जबकि रेजिडेंट डॉक्टर बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। स्थिति बिगड़ने पर ट्रॉमा सेंटर का गेट बंद कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ा और कई लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
नर्सिंग स्टाफ का आरोप: शराब के नशे में डॉक्टरों ने मारपीट की
नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि 20 सितंबर की रात नौ रेजिडेंट डॉक्टर शराब के नशे में ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। नर्स शुभम राव ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि ड्यूटी के दौरान अचानक डॉक्टरों ने हमला कर दिया, जिससे उनकी चेन और चश्मा टूट गया और फोन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बीच-बचाव करने आए OT टेक्नीशियन प्रदीप को भी पीटा गया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। शुभम का आरोप है कि डॉक्टर अक्सर शनिवार की रात शराब पीकर ड्यूटी पर आते हैं और स्टाफ के साथ अभद्रता करते हैं।
शुभम ने खुद FIR दर्ज कराई है, जिसमें रेजिडेंट डॉक्टर अश्विन, आयुष, निखिल, अंकित वर्मा, अमित शर्मा, सतीश, दीपक छाबड़ा, देवेंद्र और प्रेम को नामजद किया गया है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
रेजिडेंट डॉक्टरों का पलटवार: नर्सिंग स्टाफ करता है गुंडागर्दी
वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों ने नर्सिंग स्टाफ पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर अश्विन ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि 19 सितंबर की रात उन्होंने नर्सिंग स्टाफ शुभम को काम करने के लिए कहा, जिस पर शुभम ने उनका कॉलर पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और गाली-गलौज की। आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ ने कई डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी भी दी। इस शिकायत पर पुलिस ने शुभम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आमने-सामने आया धरना-प्रदर्शन
सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे नर्सिंग स्टाफ ने ट्रॉमा सेंटर के ट्राइज हॉल में धरना शुरू किया। शाम पांच बजे रेजिडेंट डॉक्टर भी गेट नंबर-2 से नारेबाजी करते हुए पहुंचे। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए तो पुलिस ने एहतियातन गेट बंद कर दिया। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ अंदर और रेजिडेंट डॉक्टर बाहर प्रदर्शन करते रहे।
प्रशासन की सख्ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए KGMU प्रशासन हरकत में आया। प्रवक्ता और डीन पैरामेडिक्स डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि दोषी रेजिडेंट डॉक्टरों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कैंपस में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
