
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राजधानी की एक अदालत में नया मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मामला एमपी-एमएलए विशेष अदालत (जज आलोक वर्मा) में वकील नृपेंद्र पांडेय की याचिका पर दर्ज किया गया।
विवादित बयान बना आधार
याचिका के अनुसार, राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित नए कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा था, “We are now fighting the BJP, the RSS and the Indian State itself.”
वकील का आरोप है कि यह बयान न केवल राष्ट्रविरोधी है, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
देशद्रोह और षड्यंत्र की धाराओं में कार्रवाई की मांग
याचिका में कहा गया है कि राहुल गांधी का यह वक्तव्य पूरी मानसिक स्थिरता के साथ विदेशी ताकतों के इशारे पर दिया गया, जिससे देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। कोर्ट से मांग की गई है कि राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में तलब कर सजा दी जाए। इस मामले में 1 अक्टूबर को वकील नृपेंद्र पांडेय के बयान दर्ज किए जाएंगे।
खड़गे, सोनिया और प्रियंका समेत कई नेता भी आरोपी
इस मुकदमे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश को भी पार्टी बनाया गया है। आरोप है कि इन नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का खंडन नहीं किया और मौन रहकर इस “षड्यंत्र” में सहभागी बने।
पुराने विवादित बयान भी शामिल
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के पुराने बयानों का हवाला भी दिया। इसमें “मोदी को लोग डंडों से पीटेंगे” और “अभी तो एटम बम फोड़ा है, जल्द ही हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे” जैसी टिप्पणियों को हिंसा और अराजकता फैलाने की साजिश करार दिया गया है।
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
वकील का कहना है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल चुनाव आयोग, न्यायपालिका और संसद जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा कर देश में अस्थिरता और अशांति फैलाना चाहते हैं।
पहले भी दायर हुई हैं याचिका
एंनृपेंद्र पांडेय ने इससे पहले भी राहुल गांधी के खिलाफ वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी को लेकर परिवाद दायर किया था। उस समय भी कोर्ट ने राहुल को तलब किया था।
यूपी में पहले से चल रहे तीन मामले
सुल्तानपुर की दीवानी अदालत में मानहानि का एक केस 2018 से लंबित है, जिसमें बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने शिकायत की थी। लखनऊ की एक अदालत में वीर सावरकर पर दिए बयान को लेकर मामला दर्ज है, जिसमें राहुल पर 200 रुपए का जुर्माना लगाया गया और व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया गया, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए।
हाथरस की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का एक और मामला विचाराधीन है। यह केस बूलगढ़ी गांव के रामकुमार उर्फ रामू ने दायर किया था। राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की विभिन्न अदालतों में फिलहाल तीन मुकदमे पहले से चल रहे हैं, और अब लखनऊ में दर्ज हुए इस नए केस ने उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
