
-मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आगरा में की विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यों की समीक्षा
-बीएलओ व बीएलओ सुपरवाईजरों से किया संवाद
एलायंस टुडे ब्यूरो
आगरा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने आज जनपद आगरा भ्रमण के दौरान मण्डलायुक्त आगरा/रोल प्रेक्षक श्री नागेन्द्र प्रताप तथा जिला निर्वाचन अधिकारी, आगरा श्री अरविन्द मलप्पा बंगारी की उपस्थिति में आयुक्त सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम की प्रगति के संबंध में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में जनपद के विधान सभावार डिजिटाईज़ किये गये फार्म, ईपी रेशियो, जेण्डर रेशियो रिपोर्ट, विधान सभावार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक, डुप्लीकेट मतदाताओं का विवरण, ईआरओनेट पर फार्म- 6, 6ए, 7 व 8 की अद्यतन इन्ट्री आदि की रिपोर्ट के संबंध में विस्तार से समीक्षा की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस जनरेशन, प्रिंटिंग, सुनवाई, बुक ए कॉल विद बीएलओ, 1950 व एनजीएसपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण, नोटिस सुनवाई स्थल की व्यवस्थाओं आदि की जानकारी प्राप्त कर संबंधित को दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी बूथ लेवल अधिकारी व बीएलओ सुपरवाईजरों को ससमय मानदेय की धनराशि निर्गत करने और कोई भी मानदेय लम्बित न रखने के निर्देश भी दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि नए वोटर्स को जोड़ने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6 में नागरिकों की साफ व स्पष्ट फोटो लगाई जाए। अभी तक भरे गए फार्मों में से जिन फॉर्मों में फोटो स्पष्ट नहीं आ रही हो, उनमें सही फोटो जरूर लगवायें। फॉर्म भरने के दौरान आवेदक का पूरा पता और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
नोटिस सुनवाई की प्रगति
समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि नोटिस सुनवाई के राज्य औसत 65.53 प्रतिशत के सापेक्ष विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 86-एत्मादपुर में 83.52 प्रतिशत, 94-बाह में 67.56 प्रतिशत, 93-फतेहाबाद में 59.42 प्रतिशत 90-आगरा ग्रामीण में 58.15 प्रतिशत, 92-खैरागढ़ में 57.94 प्रतिशत, 87-आगरा कैण्ट में 55.72 प्रतिशत, 91-फतेहपुर सीकरी में 50.54 प्रतिशत, 89-आगरा उत्तर में 47.21 प्रतिशत व 88-आगरा दक्षिण में 44.25 प्रतिशत सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने राज्य औसत से अधिक प्रगति लाने के लिए 86-एत्मादपुरव व 94-बाह के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सराहना की। साथ ही राज्य औसत से कम प्रगति वाले विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी नोटिस की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने समस्त अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किये जाने के भी निर्देश दिए।
बुक ए कॉल विद बीएलओ/एनजीएसपी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ईसीआईनेट ऐप व voters.eci.gov.in पर नागरिकों के लिए उपलब्ध बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अंतर्गत बुक की गई कॉल के निस्तारण की समीक्षा भी की। समीक्षा में पाया गया कि जिले में 48 घण्टे से अधिक समय की कोई भी कॉल लंबित नहीं है। उन्होंने बताया कि बुक ए कॉल में बीएलओ उपलब्धता में मिजोरम के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए एनजीएसपी में मतदाताओं द्वारा दिए गए फीडबैक में देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पायी गयी।
राजनैतिक दलों के साथ बैठक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आयुक्त सभागार में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें नोटिस सुनवाई प्रक्रिया की जानकारी दी। बैठक में राजनैतिक दलों आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनके सुझाव लिए व एसआईआर प्रक्रिया में उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना भी की। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों से आग्रह किया कि सभी दलों के बूथ लेवल एजेण्ट ज़्यादा से ज़्यादा नये व युवा वोटर्स को जोड़ने का काम करें।
नोटिस सुनवाई केन्द्रों का निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तहसील सदर स्थित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 87-आगरा कैण्ट व 88-आगरा दक्षिण के नोटिस सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान नोटिस सुनवाई केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था व नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। सुनवाई केंद्रों पर उपस्थित नागरिकों व मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नोटिस सुनवाई केंद्रों पर आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया। लोकतंत्र की मज़बूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार के प्रयोग में कोई असुविधा न हो।
बीएलओ के साथ संवाद तथा सम्मान कार्यक्रम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस सुनवाई केंद्र के निरीक्षण के बाद सूरसदन प्रेक्षागृह आगरा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्रों 86-एत्मादपुर, 87-आगरा कैण्ट, 88-आगरा दक्षिण, 89-आगरा उत्तर, 90-आगरा ग्रामीण, 91-फतेहपुर सीकरी, 92-खैरागढ़, 93-फतेहाबाद व 94-बाह के बूथ लेवल अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, स्थानांतरण व विलोपन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की और उनसे संवाद करते हुए कार्य में हो रही तकनीकी और व्यवहारिक कठिनाइयों को जानने का प्रयास किया गया। बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजरों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
अधिकारी हुए सम्मानित
जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जिले के प्रत्येक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से 3-3 बूथ लेवल अधिकारियों, 2-2 बी0एल0ओ0 सुपरवाइज़रों व 1 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 9 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मण्डलायुक्त आगरा/रोल प्रेक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी आगरा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, आगरा, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बी0एल0ओ0, सुपरवाइजर व बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि लोकतन्त्र की सुदृढ़ता का आधार है। बूथ लेवल अधिकारी ‘‘डेमोक्रेसी वॉरियर्स’’ के रूप में कार्य कर रहे हैं और उनके समर्पण से ही मतदाता सूची की शुद्धता व पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।