
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति न बने, इसके लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं जिलों का दौरा कर जल जीवन मिशन की प्रगति का जायजा लेंगे। इस पहल का पहला चरण बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के 9 जिलों से शुरू होगा। जलशक्ति मंत्री इन जिलों में गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे और स्थानीय लोगों से सीधे फीडबैक लेंगे। मंगलवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक में मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी जिलों से ‘हर घर जल’ घोषित गांवों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। सख्त रवैया अपनाते हुए जलशक्ति मंत्री ने लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर दोषियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि थर्ड पार्टी एजेंसियों द्वारा रोजाना निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने मिर्जापुर जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्थाएं रामकी बाबा और मेघा के कामों की जांच कराने के निर्देश दिए और गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
प्रमुख सचिव ने मौजूद सभी एडीएम और अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया कि ब्लॉक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए। बैठक में विभागीय अधिकारियों के अलावा परियोजना से जुड़ी एजेंसियों और ठेकेदारों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
