
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा (मदर एंड चाइल्ड सर्विस) गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। पहले समय पर इलाज और अस्पताल तक पहुंच न मिलने से कई महिलाओं की जान खतरे में पड़ जाती थी, लेकिन अब सरकार की मजबूत एंबुलेंस व्यवस्था से हालात तेजी से बदले हैं।
सरकार के लगातार प्रयासों से 102 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम घटकर सिर्फ 7 मिनट रह गया है। यानी किसी भी आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को सात मिनट के भीतर चिकित्सा सहायता मिल रही है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे कम रिस्पांस टाइम वाला राज्य बन गया है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया। वर्तमान में 102 एंबुलेंस सेवा का औसत रिस्पांस टाइम 7 मिनट 6 सेकंड है, जबकि वर्ष 2016 में यह 11 मिनट 28 सेकंड था।
सेवा को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 2019 और 2023 में पुरानी एंबुलेंस हटाकर नई तकनीक से लैस आधुनिक एंबुलेंस शामिल कीं। फिलहाल प्रदेश में 102 सेवा के तहत कुल 2,270 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं, जो हर दिन औसतन 40 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को सहायता प्रदान कर रही हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल के अनुसार, एंबुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम में सुधार का सीधा असर मातृ मृत्यु अनुपात पर पड़ा है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे (SRS) के मुताबिक, उत्तर प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात 2015-17 में 216 प्रति लाख था, जो घटकर 2021-23 में 141 प्रति लाख रह गया है।
राजस्थान और केरल को पीछे छोड़ यूपी बना नंबर-1
रिस्पांस टाइम के मामले में उत्तर प्रदेश ने राजस्थान और केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार यूपी 7:06 मिनट के रिस्पांस टाइम के साथ देश में पहले स्थान पर है। राजस्थान 7:57 मिनट के साथ दूसरे और केरल 10:45 मिनट के साथ तीसरे स्थान पर है।
करीब 25 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में इतनी तेज एंबुलेंस सेवा को योगी सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
