
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है और अब भारतीय जनता पार्टी की निगाहें 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत अन्य विधानसभा चुनावों पर हैं। उत्तर प्रदेश में, भारतीय जनता पार्टी मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही बोर्ड, निगम और आयोगों के अलावा प्रदेश संगठन में अपने कार्यकर्ताओं का समायोजन करने जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी 2027 की पृष्ठभूमि भी तैयार करेगी, जिसमें जातिगत समीकरण के साथ हर पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी जीत की हैट्रिक की तैयारी कर रही है। इसके लिए अब वह वही रणनीति अपनाएगी जो उसने पश्चिम बंगाल में अपनाई, यानी विकास के साथ हिंदुत्व। योगी मंत्रिमंडल का विस्तार 10 से 15 मई के बीच हो सकता है, और योगी मंत्रिमंडल की सूची लगभग फाइनल है।
भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरने में जुटी है, और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और बंगाल जीत के बाद पहले संबोधन में महिला आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरा था। ऐसे में योगी मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जहां मंत्रिमंडल विस्तार में महिला कोटा बढ़ाने की तैयारी है, वहीं कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में 6 नए चेहरों के शामिल होने की चर्चा है, जिनमें फतेहपुर से तीन बार की विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री बनाया जा सकता है। कृष्णा पासवान महिला के साथ ही दलित (पासी) भी हैं, लिहाजा भारतीय जनता पार्टी अखिलेश के पीडीए को भी साधेगी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी की बागी विधायक पूजा पाल को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, और समाजवादी पार्टी के बागी एक अन्य विधायक और ब्राह्मण चेहरा मनोज पांडे भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।
