
एलायंस टुडे ब्यूरो
मनुष्य गर्म रक्त वाले जीव हैं इसलिए हमारा शरीर बाहरी मौसम चाहे कितना भी गर्म या ठंडा हो अपना तापमान संतुलित रखने की कोशिश करता है, शरीर लगातार गर्मी पैदा करता है और अतिरिक्त ऊष्मा बाहर निकालकर संतुलन बनाए रखता है, लेकिन जब शरीर बहुत ठंडा हो जाता है तो हाइपोथर्मिया और जब अत्यधिक गर्म होकर खुद को ठंडा नहीं कर पाता तो हाइपरथर्मिया की स्थिति बनती है जिसका गंभीर रूप हीट स्ट्रोक कहलाता है जिसमें शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है और गर्मियों में इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है, हीट स्ट्रोक के मुख्य कारणों में तेज धूप में लंबे समय तक काम करना, अत्यधिक गर्म और उमस भरे वातावरण में रहना, टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनना, तला-भुना और भारी भोजन करना, कैफीन या शराब का ज्यादा सेवन, शरीर में पानी की कमी, बिना हवा वाले कमरों में रहना, गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों का अधिक उपयोग करना और घर में पर्याप्त छाया या ठंडक की व्यवस्था न होना शामिल है, गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्के या सामान्य ठंडे पानी से स्नान करना, दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप से बचना, ढीले और सूती कपड़े पहनना, दिनभर पर्याप्त पानी पीना, नारियल पानी का सेवन करना, तरबूज, खीरा, संतरा और खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फल खाना, हल्का और ताजा भोजन लेना, एलोवेरा का उपयोग करना, छाछ पीना, घर में हवा का सही प्रवाह बनाए रखना, आरामदायक नींद के लिए सूती चादर का उपयोग करना, ठंडे कमरों में रहना और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों का सीमित इस्तेमाल करना जरूरी है.
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गर्मियों में स्वस्थ रहने का सबसे आसान नियम शरीर को हाइड्रेट रखना और गर्मी से बचाव करना है क्योंकि हल्के कपड़े, संतुलित खान-पान, सही वेंटिलेशन और धूप से बचाव अपनाकर हीट स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है तथा नारियल पानी, एलोवेरा और छाछ जैसे प्राकृतिक उपाय शरीर को ठंडक देने के साथ ऊर्जा भी प्रदान करते हैं जिससे थोड़ी सी सावधानी अपनाकर पूरी गर्मी आराम और अच्छे स्वास्थ्य के साथ बिताई जा सकती है।
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