
एलायंस टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला यह व्रत भाद्रपद (भादो) महीने में और भी शुभ माना जाता है। इसे बहुला चतुर्थी या हेरंब संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं। इस दिन गणपति बप्पा के साथ चंद्रमा की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत के पुण्य से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
Bhado Sankashti Chaturthi 2025 Date and Timing
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 12 अगस्त 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी।
तिथि प्रारंभ: 12 अगस्त, सुबह 08:41 बजे
तिथि समाप्त: 13 अगस्त, सुबह 06:36 बजे
शुभ पूजन मुहूर्त: 12 अगस्त को शाम 06:50 बजे से रात 07:16 बजे तक
विशेष योग: इस दिन सुकर्मा और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा, जिससे व्रत का महत्व और बढ़ जाएगा।
Chand Kab Niklega 12 August 2025?
इस दिन चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त 2025 को चंद्रोदय का समय रात 08:59 बजे रहेगा। व्रत धारक चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का समापन करेंगे।
Bhado Sankashti Chaturthi 2025 Puja Vidhi
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें।
घर के पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल से पवित्र करें।
व्रत का संकल्प लें और एक स्वच्छ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर गणेश जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
गणेश जी को दूर्वा घास, पुष्प, चावल, धूप, दीप, मोदक और लड्डू अर्पित करें।
गणपति मंत्र और स्तोत्र का पाठ कर आरती करें।
पूरे दिन उपवास रखें और रात को चंद्रमा के दर्शन (Chand Kab Niklega 12 August 2025 – रात 08:59 बजे) के बाद अर्घ्य देकर व्रत संपन्न करें।
भाद्रपद में गणेश पूजा का महत्व
भाद्रपद माह भगवान गणेश का प्रिय माह है। इसी महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है, जिसके बाद दस दिनों तक गणेशोत्सव चलता है। इस महीने गणपति की विशेष आराधना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन से विघ्न समाप्त होते हैं।
Bhado Sankashti Chaturthi 2025 Puja Mantra
हे हेरंब त्वमेह्योहि ह्माम्बिकात्र्यम्बकात्मज
सिद्धि-बुद्धि पते त्र्यक्ष लक्षलाभ पितु: पित:
नागस्यं नागहारं त्वां गणराजं चतुर्भुजम्
भूषितं स्वायुधौदव्यै: पाशांकुशपरश्र्वधै:
