
एलायन्स टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का छोटा भाई, अब्दुल रऊफ अजहर, उन आतंकवादियों में शामिल था जिन्हें भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत निशाना बनाकर मार गिराया। यह ऑपरेशन पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक एयरस्ट्राइक का हिस्सा था।
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के प्रतिशोध में की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। भारतीय सेना ने नौ रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए, जिनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी शामिल था। भाजपा ने अब्दुल रऊफ अजहर की तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए उस पर “समाप्त” शब्द लिखा, यह संकेत देते हुए कि वह इस ऑपरेशन में मारा गया है।
अब्दुल रऊफ अजहर: आतंक का मास्टरमाइंड
अब्दुल रऊफ अजहर भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक था। वह दिसंबर 1999 में काठमांडू से दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान IC-814 के अपहरण का मास्टरमाइंड था। इस अपहरण ने भारत को तीन कुख्यात आतंकवादियों—मसूद अजहर, अहमद ज़रगर और उमर सईद शेख—को रिहा करने पर मजबूर कर दिया था। विमान को तालिबान-नियंत्रित कंधार ले जाया गया था और इस घटना ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाला।
अब्दुल रऊफ अजहर को 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले और 2016 के पठानकोट हमले में भी शामिल बताया गया है। अमेरिका ने उसे 2 दिसंबर 2010 को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, वह भारत और अफगानिस्तान में आतंकवादियों की भर्ती और हमलों की योजना में सक्रिय रूप से शामिल था।
मसूद अजहर की प्रतिक्रिया: “अफसोस नहीं, बल्कि गर्व”
हमले के बाद मसूद अजहर की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि बहावलपुर में स्थित उनके संगठन के मुख्यालय ‘जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह’ पर भारत के हमले में उनके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए।
बयान में कहा गया, “मेरे परिवार के दस सदस्यों को आज रात एक साथ यह खुशी नसीब हुई… उनमें पांच मासूम बच्चे, मेरी बड़ी बहन और उनके पति, मेरे भांजे-भतीजे और भतीजी, मेरा प्रिय भाई हुजैफा और उनकी मां शामिल हैं।”
मसूद अजहर ने इन मौतों पर अफसोस जताने के बजाय कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनके परिवार के सदस्य “अल्लाह के मेहमान” बन गए। उन्होंने कहा, “मेरे दिल में बार-बार यह ख्याल आता है कि काश मैं भी इस चौदह सदस्यों वाले खुशहाल कारवां में शामिल होता।”
ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक सफलता
भारत की ओर से किए गए इन नौ हवाई हमलों को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई माना जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑपरेशन न केवल आतंकियों के ढांचागत नेटवर्क को ध्वस्त करता है, बल्कि भारत की कूटनीतिक और सामरिक शक्ति का प्रदर्शन भी करता है। इस ऑपरेशन ने आतंकवाद को शह देने वाले गुटों को एक स्पष्ट संदेश दिया है—भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करेगा।

