
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के हालिया आत्मस्वीकृति वाले बयान को नाटक करार देते हुए कांग्रेस की नीयत और नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मायावती ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट के जरिए कांग्रेस, भाजपा और एनडीए—all पर बहुजन समाज की अनदेखी का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित “ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन” में कहा था कि, “जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे लगता है कि मैंने गलती की। मैंने ओबीसी की उस तरह रक्षा नहीं की जैसी मुझे करनी चाहिए थी, क्योंकि मैं उस समय आपके मुद्दों को गहराई से नहीं समझ पाया।”
इस पर पलटवार करते हुए मायावती ने कहा, “नेता प्रतिपक्ष द्वारा यह स्वीकार करना कि ओबीसी का आरक्षण सहित संवैधानिक हक दिलाने में कांग्रेस विश्वासपात्र नहीं रही है, यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि दिल में कुछ और, जुबान पर कुछ और रखने वाली स्वार्थ की राजनीति है। कांग्रेस की नीति-नीयत में हमेशा खोट रहा है। सत्ता खोने के बाद अब इन्हें बहुजन की याद आ रही है, जिसे घड़ियाली आंसू ही कहा जाएगा।”
मायावती ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने 40 वर्षों तक ओबीसी समाज को आरक्षण के लाभ से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि वंचित और उपेक्षित वर्गों को अपनी अलग पार्टी — बसपा — बनानी पड़ी। उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा और एनडीए गठबंधन पर भी बहुजन समाज के प्रति ‘दोहरे चरित्र’ का आरोप लगाया।
मायावती ने लिखा, “वर्तमान हालात में भाजपा के एनडीए का भी इन वर्गों के प्रति दोहरे चरित्र वाला वही चाल-ढाल लगता है। जबकि बसपा एक सच्ची आंबेडकरवादी पार्टी है जो सदैव इन वर्गों की आवाज बनी रही है और उनके संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है।”
राजनीतिक मायने:
मायावती का यह बयान स्पष्ट करता है कि आगामी चुनावों में बसपा बहुजन वोट बैंक को फिर से साधने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों पर सीधा हमला बोलने की रणनीति अपना रही है। यह बयान बहुजन समाज को यह संदेश देने की कोशिश है कि केवल बसपा ही उनकी सच्ची हितैषी पार्टी है।
