
एलायंस टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान की गलत आदतों और शराब की बढ़ती लत के चलते लिवर से जुड़ी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। इन्हीं में से एक है फैटी लिवर, जिसे चिकित्सा की भाषा में हेपेटिक स्टीटोसिस कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन फैटी लिवर की स्थिति को गंभीर बना सकता है और आगे चलकर यह लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का रूप भी ले सकती है।
क्या है फैटी लिवर?
फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। सामान्यतः लिवर में थोड़ा बहुत फैट होना सामान्य है, लेकिन जब यह 5-10% से अधिक हो जाए, तो यह चिंताजनक होता है। यह दो प्रकार का होता है —
-
एएलडी (Alcoholic Liver Disease): जो शराब के सेवन से होता है।
-
एनएएफएलडी (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease): जो शराब न पीने वालों में भी गलत खानपान, मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याओं के कारण होता है।
शराब और फैटी लिवर का संबंध
विशेषज्ञों का मानना है कि शराब सीधे लिवर पर असर डालती है। जब व्यक्ति अधिक मात्रा में शराब का सेवन करता है, तो लिवर को उसे प्रोसेस करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे लिवर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं और फैट जमा होने लगता है। लंबे समय तक शराब पीने से फैटी लिवर पहले हेपेटाइटिस, फिर सिरोसिस और अंततः लिवर फेलियर तक पहुंच सकता है।
लक्षण क्या हैं?
अधिकांश मामलों में फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ आम संकेत हैं:
-
पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या दर्द
-
लगातार थकान रहना
-
भूख कम लगना
-
पीलापन (जॉन्डिस)
-
वजन में गिरावट
कैसे रखें लिवर को स्वस्थ?
-
शराब का सेवन सीमित करें या पूरी तरह बंद करें।
-
स्वस्थ और संतुलित आहार लें। हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम फैट वाला खाना शामिल करें।
-
वजन नियंत्रित रखें। मोटापा लिवर पर सीधा असर डालता है।
-
नियमित व्यायाम करें। हर दिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलना या योग करना लाभदायक होता है।
-
ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें।
विशेषज्ञों की सलाह
एम्स दिल्ली के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार, “लिवर की बीमारियाँ धीरे-धीरे विकसित होती हैं और शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देतीं। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो फैटी लिवर को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।”
यह एलायंस टुडे का आधिकारिक न्यूज़ रूम (Digital Desk) है, जहां पत्रकारों और संपादकों की एक अनुभवी टीम काम करती है। ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों से मिली सूचनाओं को जिम्मेदारी के साथ प्रोसेस करके जनहित की खबरें पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करना ही हमारी प्राथमिकता है।
