
एलायंस टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि यह संघर्षविराम व्यापारिक दबाव डालकर और दोनों देशों को शांति की ओर प्रेरित करके संभव हुआ।
ट्रंप ने कहा, “मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक संघर्षविराम सुनिश्चित किया। मैंने व्यापार का उपयोग किया और कहा कि परमाणु हथियारों के आदान-प्रदान के बजाय वस्तुओं का व्यापार करें। दोनों देशों के नेता शक्तिशाली और समझदार हैं, और उन्होंने मेरी बात मानी। उम्मीद है यह शांति बनी रहेगी।
इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्र सरकार से जवाब मांगा और सवाल उठाया कि क्या भारत सरकार ने अमेरिकी दबाव में देश की सुरक्षा नीतियों से समझौता किया?
उन्होंने पोस्ट में लिखा, कुछ दिन पहले हमें डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम की जानकारी मिली। अब ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने इसके लिए व्यापार प्रतिबंधों की धमकी दी थी। इस पर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को जवाब देना चाहिए — क्या भारत ने अमेरिकी दबाव में अपने सुरक्षा हित गिरवी रख दिए?”
जयराम रमेश ने एक पुराना बीजेपी विज्ञापन भी याद दिलाया जिसमें यह दर्शाया गया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाई थी। उस विज्ञापन में एक लड़की अपने पिता से कहती है, “मैंने कहा था ना, मोदी जी हमें घर ले आएंगे, वॉर रुकवा दी पापा | इस पर कटाक्ष करते हुए रमेश ने लिखा, अब क्या अमेरिका वाले ‘पापा’ ने वॉर रुकवा दी?
भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थ नहीं बना। भारत का हमेशा से रुख रहा है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है, और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं हो सकती। भारत ने यह भी दोहराया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा।
