

नई दिल्ली: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस निर्मम हमले में 26 लोगों की जान गई और 17 लोग घायल हुए। घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा बीच में छोड़कर भारत लौटे और उच्चस्तरीय बैठकों का दौर शुरू हुआ।
सरकार की कार्रवाई
सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है, और 29 अप्रैल तक सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
23 अप्रैल को हुई थी CCS बैठक
इससे पहले 23 अप्रैल को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई थी, जिसमें हमले की कड़ी निंदा की गई थी। बैठक के बाद सरकार ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को सीमित करने का फैसला किया। पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित किया गया, सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया गया और अटारी सीमा पारगमन बिंदु को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान भी हुआ।
धार्मिक पहचान के आधार पर हत्या
22 अप्रैल को हुए हमले में आतंकियों ने यात्रियों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी। हमले में 4 आतंकी शामिल थे जिन्होंने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया। यह हमला उस समय हुआ जब पीएम मोदी विदेश यात्रा पर थे, लेकिन घटना के बाद उन्होंने तत्काल भारत लौटकर स्थिति का जायजा लिया।
