

एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ| उत्तर प्रदेश में मौसम फिर से करवट लेने जा रहा है। अगले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
बेमौसम बारिश के पीछे क्या है वजह?
लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में एक शुष्क रेखा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से होते हुए केरल तक सक्रिय है। इसके अग्रभाग का प्रभाव उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को प्रभावित कर रहा है।
इसके साथ ही एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से गुजर रही नमीयुक्त पूर्वी हवाएं और दक्षिण-पश्चिम से आ रही हवाओं के टकराव के चलते चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है। यही मिलाजुला प्रभाव राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम को अस्थिर रखेगा।
कौन से जिले स्पेशल प्रभावित रहेंगे?
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि उत्तर प्रदेश के निम्न जिलों और उनके आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है:
पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश: कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर।
मध्य और तराई क्षेत्र: गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, कासगंज, एटा, मैनपुरी, इटावा, औरैया।
रोहिलखंड और आसपास के जिले: बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं।
मौसम विभाग ने लोगों से बिजली कड़कने के बीच सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम की जानकारी पर ध्यान बनाए रखने की अपील की है। किसान वर्ग बिल्कुल सतर्क रहें क्योंकि यह मौसम उनकी फसलों पर असर डाल सकता है।
