
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजयदशमी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि विजयदशमी यह स्मरण कराता है कि असत्य कितना भी प्रबल क्यों न हो, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह हमें जीवन से अज्ञान, अन्याय और असत्य रूपी रावण को मिटाकर सद्भाव, साहस और सदाचार स्थापित करने की प्रेरणा देता है।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन हमें सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने सिद्ध किया कि बड़े से बड़ा परिवर्तन भी नैतिक मूल्यों और मानवीय आचरण से संभव है। आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को जीवन का मार्गदर्शन बनाएं यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को स्मरण करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनका जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण है। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ का जो अमर मंत्र दिया, वह आज भी राष्ट्र की आत्मा में धड़कता है और हर नागरिक को कर्तव्यपथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
इसी क्रम में, “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2025” के अंतर्गत राजभवन, लखनऊ में पेंटिंग और मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में राजभवन परिसर के विद्यालय के बच्चों, उम्मीद संस्था के प्रतिभागियों और विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पेंटिंग प्रतियोगिता की थीम “पर्यावरण संरक्षण” थी। प्रतिभागियों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से पेड़-पौधों के महत्व, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ वातावरण का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं, मेहंदी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक और आधुनिक शैली के आकर्षक डिज़ाइन प्रस्तुत कर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
