
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खेल प्रतिभाओं को गुरुवार को लखनऊ में आयोजित समारोह में नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नव चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति-पत्र के साथ उनकी ‘जर्सी से वर्दी’ तक की यात्रा शुरू हो रही है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के मैदान की तरह पुलिस सेवा में भी बेहतर प्रदर्शन करने की अपेक्षा जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज जो नियुक्ति-पत्र आपको प्राप्त हो रहा है, यह न सरकार की कृपा है और न अनुकंपा। यह आपके पसीने और परिश्रम की कीमत है, जो आज आपको उपलब्ध कराई जा रही है।” उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने जर्सी पहनकर जो काम और सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं, सरकार को उम्मीद है कि वर्दी में भी वे उसी तरह बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
न सिफारिश चली, न लेनदेन हुआ: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खिलाड़ियों की इन नियुक्तियों में किसी की सिफारिश नहीं चली, कोई लेनदेन नहीं हुआ और किसी सिंडिकेट को हावी नहीं होने दिया गया। चयन में केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा और परिश्रम को आधार बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पुलिस या किसी अन्य विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से खिलाड़ियों को नियुक्त करने का कोई नियम नहीं था। सरकार ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को सम्मान देने के लिए यह व्यवस्था आगे बढ़ाई है।
योगी ने कहा कि परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। खिलाड़ियों के परिश्रम की जो कीमत होनी चाहिए थी, उसे नियुक्ति-पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराकर उनके साथ न्याय किया गया है। अब पुलिस की वर्दी में भी उनसे इसी तरह न्यायपूर्ण कार्य करने की अपेक्षा है।
ओलंपिक पदक विजेताओं को ₹200 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक और अन्य प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले कुशल खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के रूप में अब तक ₹200 करोड़ से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
64 हजार हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त, बन रहे खेल मैदान और स्टेडियम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 64 हजार हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। अब गांव से लेकर ब्लॉक, जनपद और प्रदेश स्तर तक खेल के मैदान, मिनी स्टेडियम, स्टेडियम और इंटरनेशनल स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज और Centre of Excellence स्थापित किए जा रहे हैं, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रैक्टिस, बेहतर कोचिंग और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास अब अपनी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी है।
‘खेल के मैदान में लाइफ मिलती है’
मुख्यमंत्री ने युवाओं के बीच बढ़ते रील कल्चर पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख होता है कि आज के युवा घंटों रील देखने में अपना समय बर्बाद करते हैं।
योगी ने कहा, “रील में आपको लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में आपको लाइफ मिलती है।” उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नई ऊर्जा, अनुशासन और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर देता है।
खिलाड़ियों को गांव गोद लेने की जिम्मेदारी देने की अपील
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से कहा कि खिलाड़ियों को कोई न कोई एक गांव गोद लेने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, ताकि वे गांवों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने में भी योगदान दे सकें।
उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश में लोगों का जीवन सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच तक सीमित माना जाता था और इसके पहले या बाद में बाहर निकलने में डर रहता था।
युवाओं से बोले योगी- शराब और सपा से सावधान रहें
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्हें दो चीजों को लेकर हमेशा सावधान रहना चाहिए पहले शराब और दूसरा सपा क्योंकि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सपा युवाओं की नियुक्ति की बात करती है तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे “कोई मगरमच्छ पानी में बैठकर शांति का उपदेश दे रहा हो।” उन्होंने युवाओं से इससे सावधान रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति-पत्र पाने वाले सभी 470 खिलाड़ी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने सभी को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे खेल के मैदान में हासिल की गई सफलता और अनुशासन को पुलिस सेवा में भी आगे बढ़ाएंगे।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



