
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कड़ा जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें आईना दिखाया है। बुधवार को उन्होंने अखिलेश द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों का सिलसिलेवार ढंग से जवाब देते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि आप समय-समय पर बुल्डोजर की चर्चा क्यों करते हैं। इस बुल्डोजर के माध्यम से उन माफिया की कमर तोड़ दी गई है, जो अवैध कमाई करते थे। किसानों की चर्चा तो आप न ही करें, आपको उनसे कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मुंबई से कलाकार बुलाकर आप लोग सैफई में नाच देखते थे और पैसा सरकारी खजाने से खर्च होता था, लेकिन किसानों की सुध नहीं लेते थे। उन्होंने अखिलेश को आत्ममंथन की नसीहत दी।
समाजवादी पार्टी के शासनकाल में होते थे सरकारी संपत्तियों पर कब्जे
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कई भ्रामक और कपोल कल्पित बातें प्रेस के माध्यम से रखी हैं। वे भूमि माफिया का जिक्र कर रहे थे, क्या यह सही नहीं है कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में इनके संरक्षण में सरकारी जमीनों पर कब्जे होते थे। इतना ही नहीं, सामान्य लोगों की जमीन पर भी कब्जा करने का काम समाजवादी पार्टी के संरक्षण में गुंडे-माफिया व बदमाश करते थे। आंकड़े उठाकर देखिए, 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी संपत्ति को हमारी सरकार ने भू-माफिया से मुक्त कराने में सफलता पायी है। सबको पता है कि समाजवादी पार्टी के मंत्री व विधायक सरकारी संपत्तियों को लूटते-खाते थे। आम आदमी यदि अपने खाली प्लॉट पर दो साल निर्माण नहीं करा पाता था तो समाजवादी पार्टी का झंडा लगाकर उसे कब्जा करने का काम होता था। आज तो एकदम शीशे की तरह तस्वीर साफ देख रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का दिया हवाला
ब्रजेश पाठक ने कहा कि कुछ दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पीलीभीत और मुरादाबाद में सरकारी संपत्ति को कब्जा करके आपने अपने कार्यालय खोल रखे हैं और मात्र 110 रुपए महीना किराया देकर सरकारी संपत्ति पर कब्जा करके बैठे हैं। इस प्रकार की कपोल कल्पित, मनगढ़ंत व फर्जी बातें करना अखिलेश जी को शोभा नहीं देतीं। कानून व्यवस्था पर चर्चा करने से पहले आप अपने गिरेबान में झांकिए। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जबसे भाजपा सरकार बनी है, तबसे बदमाश, माफिया व अराजक तत्व उत्तर प्रदेश छोड़कर चले गए हैं। उत्तर प्रदेश आज दंगा मुक्त प्रदेश बना है। अपराधियों की कमर तोड़ने के साथ ही सरकारी जमीनों पर उन्होंने जो कब्जे किए थे, उसे बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है। इसी प्रदेश में कभी आम जनता नारा लगाती थी कि देख सपाई, बिटिया घबरायी। आज हमारी बहनें-माताएं सुरक्षित हैं। यदि किसी अपराधी ने उनपर बुरी नजर डाली तो हमने पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने का कार्य किया है।
प्रदेश में है कानून का राज
पाठक ने कहा कि अखिलेश को ये बात पता होनी चाहिए कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। वे फर्जी वोटर का मुद्दा उठाते हैं। सूप बोले तो बोले, चलनी क्या बोले जिसमें 72 छेद। समाजवादी पार्टी के शासन काल में अखबारों में छपने वाली खबरों की कटिंग व वीडियो मीडिया फुटेज मंगाकर देख लीजिए। 2012 में जब आपने प्रदेश की सत्ता संभाली थी, तब लोकसभा से इस्तीफा दिया था और कन्नौज संसदीय क्षेत्र से किसी को नॉमिनेशन भी नहीं करने दिया था। फर्जी वोटर की सूचनाएं इनके राज में किस तरह से आती थीं, मोहल्ले के मोहल्ले आपने लिस्ट से साफ कर दिए थे, लोगों को वोट डालने से रोका था और वोटर लिस्ट से उनका नाम काट दिया जाता था। आप जरा उस समय की वोटर लिस्ट भी मंगा लीजिए। वोटर लिस्ट में सबसे ज्यादा गड़बड़ी करने का रिकॉर्ड आपके राज में हुआ है। सर्वाधिक शिकायतें निर्वाचन आयोग को आपके राज में प्राप्त हुई हैं।
अखिलेश ने बोला निर्वाचन आयोग पर हमला
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा और निर्वाचन आयोग पर हमला बोला। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सपा प्रमुख ने कहा कि सुना है, महोबा में एक ही पते पर चार हजार से ज़्यादा वोट दर्ज हैं। यही हाल नोएडा में भी है। इसका सवाल उठाते ही आयोग और भाजपा दोनों कहने लगेंगे कि इसीलिए तो एसआईआर करा रहे हैं। आयोग भाजपा का जुगाड़ आयोग बनकर रह गया है। सपा की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करता। भाजपा के पास के बाद नकली आधार बनाने की मशीन है। चुनाव में उसके बूथों के पास लगाकर फर्जी वोट डाले जाते हैं।
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