
लखनऊ। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों के सम्मान समारोह में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के सभी गुरुजनों और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने महान शिक्षाविद, दार्शनिक एवं भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी सशक्त और समर्थ बन सकता है, जब उसकी भावनाओं के अनुरूप शिक्षा और संस्कार बचपन से ही बच्चों और युवा पीढ़ी को प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कार्य यदि कोई कर सकता है तो वह एक शिक्षक ही है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ने का अवसर है शिक्षक दिवस
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में जब आधुनिक शिक्षा को देश की परंपरागत ज्ञान परंपरा के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने की बात सामने आई, तब महान शिक्षाविद एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस प्रत्येक शिक्षक को भारत की विशिष्ट ज्ञान परंपरा से जुड़ने और उस पर गौरव की अनुभूति करने का अवसर देता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और देश की समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया।
32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए तकनीकी बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 32,000 से अधिक विद्यालयों में Smart Class, 15,000 से अधिक विद्यालयों में ICT Lab और 1,129 विद्यालयों में Digital Library की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को Tablet उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिल सकें।
5,500 से अधिक विद्यालयों में बच्चों का Skill Development
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के 5,500 से अधिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में Learning by Doing Program के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों का कौशल विकास किया जा रहा है। इसके तहत Engineering, Energy & Environment, Agriculture और Health जैसे विभिन्न ट्रेड में विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं और रोजगारपरक कौशल से भी परिचित कराती है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 14,000 दिव्यांग बच्चों को Escort Allowance, 23,000 से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को Stipend और 23,000 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें Tricycle, Wheelchair और Hearing Aid जैसे उपकरण शामिल हैं।
इसके साथ ही करीब 3,000 दृष्टिबाधित बच्चों को Braille Books उपलब्ध कराने का कार्य भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हर बच्चे को समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले शिक्षामित्रों को मात्र ₹3,000 मानदेय मिलता था, जो अब बढ़कर ₹18,000 हो गया है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर ₹17,000 किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को ₹5 लाख तक के कैशलेस उपचार की स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए शिक्षकों के सम्मान, सुविधाओं और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



