

अनुपम चंद्र
लखनऊ। गणेशोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला पूरे देश के साथ राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिला। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए गणेशोत्सव के बाद आज भगवान श्री गणेश को भावभीनी विदाई दी गई। लखनऊ समेत देशभर में विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और जगह-जगह गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे।
डालीगंज स्थित हनुमान सेतु मंदिर के पास झूलेलाल पार्क के अंदर ‘मनौतियों के राजा’ की गणेश प्रतिमा का भी आज विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान यहां ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के सामने कई लोग भावुक होकर रोते नजर आए और उनसे जल्द वापस आने की प्रार्थना करने लगे। यह दृश्य वाकई बेहद भावपूर्ण रहा।
गौरतलब है कि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर जब श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अपने घरों और पंडालों में लेकर आए थे, तब लोगों में उत्साह देखते ही बन रहा था। जिस उत्साह और उमंग के साथ गणपति बप्पा का स्वागत किया गया था, उसी के साथ विसर्जन के समय उनकी विदाई का दुख भी लोगों के चेहरों पर दिखाई दिया।
हालांकि बच्चों को छोड़कर अधिकांश लोग विसर्जन के दौरान काफी उत्साहित और खुश नजर आए। श्रद्धालु नाचते-गाते और गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए उन्हें विदाई देते दिखाई दिए। इस दौरान “हे गणेशा, अगले बरस तू जल्दी आना” के नारे भी गूंजते रहे।
भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही गणेशोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों और भक्तिभाव के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष उनके जल्द लौटने की कामना की।

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