
लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के आसपास पानी भरने से राहत और जल निकासी अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन और संबंधित विभागों ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारियों की तैनाती करते हुए 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है।
प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के लिए 26 पंपिंग सेट लगातार चलाए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों की संख्या भी डेढ़ गुना बढ़ाई गई है। अधिकारी और कर्मचारी तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इकाना और पलासियो क्षेत्र में जलभराव
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। जलभराव को कम करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से जल निकासी के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा को देखते हुए सीजी सिटी और नौसेना वाटिका को अग्रिम आदेश तक बंद कर दिया गया है। वहीं, फीनिक्स पलासियो की ओर जाने वाली सर्विस लेन को भी बैरिकेडिंग कर बंद किया गया है।
चेकडैम बनाकर रोका गया पानी
लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। समस्या को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कदम उठाए। पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जेसीबी और बोल्डर पिचिंग की मदद से अस्थायी चेकडैम बनाए गए।
एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, 6-7 अक्टूबर को गोमती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा, जिसके कारण पानी बहकर इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के आसपास के इलाकों तक पहुंच गया। नदी का पानी बढ़ने के कारण नालों में बैकफ्लो की स्थिति भी बनी, जिससे शहीद पथ की सर्विस लेन समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हुआ।
107.24 मीटर दर्ज हुआ गोमती का जलस्तर
बुधवार शाम गोमती नदी का जलस्तर 107.24 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से करीब 1.26 मीटर नीचे बताया गया। अधिकारियों का कहना है कि जल निकासी और चेकडैम के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं तथा जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।
तीन शिफ्टों में 24 घंटे तैनात अधिकारी-कर्मचारी
एलडीए ने स्थिति की निगरानी के लिए 5 अक्टूबर से ही 24×7 ड्यूटी व्यवस्था लागू कर रखी है। अधिकारियों और अभियंताओं की तीन शिफ्टों में तैनाती की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त मैनपावर बढ़ाकर राहत कार्यों को गति दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस भी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
हेल्पलाइन से ली जा सकती है मदद
जलभराव से जुड़ी समस्याओं के लिए एलडीए की ओर से सहायता व्यवस्था भी सक्रिय की गई है। सहायक अभियंता राहुल वर्मा का मोबाइल नंबर 9918006069 जारी किया गया है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराई गई है।
प्रशासन का कहना है कि गोमती नदी के जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत एवं जल निकासी अभियान जारी है और स्थिति सामान्य होने तक अधिकारी-कर्मचारी तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



