

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) के शेयर 22 मई को 5% तक चढ़ गए, जब कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4) में शुद्ध लाभ में 23% की बढ़ोतरी दर्ज की। यह बढ़त ग्रुप बिजनेस में मजबूत वृद्धि और पिछले साल GST में हुई कटौती से बनी मांग के कारण देखने को मिली।
विश्लेषकों को पहले से उम्मीद थी कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहेगा। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स बदलावों ने दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत में बीमा की मांग को सहारा दिया, हालांकि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ग्राहकों की भावना प्रभावित हुई, जिससे बाजार से जुड़ी पॉलिसियों की बिक्री पर असर पड़ा।
सरकारी स्वामित्व वाली LIC का शुद्ध लाभ 31 मार्च को समाप्त तिमाही में बढ़कर 23,420 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 19,013 करोड़ रुपये था।
कंपनी की नेट प्रीमियम आय 11.5% बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं एकमुश्त प्रीमियम (One-time Premium) में 21.5% की बढ़ोतरी हुई, जबकि नई पॉलिसियों से मिलने वाला प्रथम वर्ष प्रीमियम करीब 17% बढ़ा।
22 मई सुबह 9:35 बजे LIC के शेयर 2.5% की बढ़त के साथ 819.8 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
नए बिजनेस में मजबूत बढ़त
Annualised Premium Equivalent (APE) Sales, जो नए बिजनेस का अहम पैमाना माना जाता है, तिमाही के दौरान लगभग 22% बढ़कर 22,954 करोड़ रुपये पहुंच गया। Reuters के अनुसार, पिछले साल रेगुलेटरी बदलावों के कारण पॉलिसी सरेंडर करना आसान होने से बिक्री कमजोर रही थी, लेकिन इस बार कंपनी ने जोरदार वापसी की है।
LIC के ग्रुप बिजनेस APE में 37% की वृद्धि दर्ज की गई। Emkay Global के विश्लेषकों ने भी इस तिमाही में ग्रुप बिजनेस में मजबूत गति की उम्मीद जताई थी।
कंपनी के CEO और MD आर. दोरास्वामी ने पोस्ट-अर्निंग कॉल में कहा कि आगे ग्रुप बिजनेस में अच्छी वृद्धि की संभावना है और यह वृद्धि टिकाऊ भी रहेगी। हालांकि उन्होंने माना कि बाजार में जारी अस्थिरता का असर भविष्य की वृद्धि पर पड़ सकता है, खासकर यदि व्यावसायिक संस्थानों पर वित्तीय दबाव बढ़ता है।
गैर-भागीदारी उत्पादों पर बढ़ा फोकस
LIC ने Non-Participating Products पर अपना फोकस बढ़ाना जारी रखा। इन उत्पादों में पॉलिसीधारकों को कंपनी के मुनाफे से जुड़े बोनस नहीं मिलते, जिससे कंपनी की लाभप्रदता बेहतर होती है।
नई पॉलिसियों से होने वाले अनुमानित लाभ को दर्शाने वाला Value of New Business (VNB) 67% बढ़कर 5,891 करोड़ रुपये पहुंच गया।
मार्च 2026 तक नए बिजनेस का मार्जिन 21.2% रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.6% था। इसमें Non-Participating Products का योगदान ज्यादा रहने से मदद मिली।
ऐसे ही व्यापार की और ख़बरें पढ़ने के लिए– क्लिक करें
कंपनी का Solvency Ratio, जो बीमा कंपनी की दीर्घकालिक वित्तीय दायित्वों को पूरा करने की क्षमता दर्शाता है, बढ़कर 2.35 हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 2.11 था। उच्च संख्या बेहतर वित्तीय सुरक्षा को दर्शाती है।
ब्रोकरेज फर्मों ने बढ़ाए टारगेट प्राइस
कई ब्रोकरेज फर्मों ने LIC के शेयर के लक्ष्य मूल्य (Target Price) बढ़ा दिए हैं।
JM Financial ने कहा कि LIC ने “एक और मजबूत तिमाही” दर्ज की है। ब्रोकरेज के मुताबिक, FY26 की चौथी तिमाही में Individual APE में 16% और Group APE में 37% की वृद्धि हुई, जिससे कुल APE 22% बढ़ा।
फर्म ने कहा कि FY26 में VNB मार्जिन 21.2% रहा, जबकि सिर्फ चौथी तिमाही में यह 24.9% तक पहुंच गया। बेहतर उत्पाद मिश्रण और आर्थिक परिस्थितियों में सुधार के कारण मार्जिन में सालाना आधार पर 360 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई।
JM Financial ने FY27 और FY28 के लिए VNB अनुमान 15% से ज्यादा बढ़ाते हुए LIC का लक्ष्य मूल्य 888 रुपये से बढ़ाकर 960 रुपये कर दिया।
वहीं Bernstein ने LIC के लिए 900 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया। फर्म ने कहा कि FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी की नई बिक्री में 22% की मजबूत वृद्धि हुई, जिसे Non-Par Products की बिक्री ने गति दी।
Citi ने LIC को ‘Buy’ रेटिंग देते हुए 1,475 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी लगातार Persistency सुधारने, नए उत्पाद लाने, एजेंटों की उत्पादकता बढ़ाने और Non-Agency बिजनेस पर फोकस कर रही है। हालांकि प्रमोटर हिस्सेदारी की संरचना को लेकर कुछ अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
यह एलायंस टुडे का आधिकारिक न्यूज़ रूम (Digital Desk) है, जहां गुलजार वर्मा ( Gulzaar Verma ) जैसे पत्रकारों की एक अनुभवी टीम काम करती है जोकि ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों से मिली सूचनाओं को जिम्मेदारी के साथ प्रोसेस करके जनहित की खबरें पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है.



