
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) की बेटी ने अपने पिता पर हुए हमले को लेकर भावुक बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके पिता को उग्र भीड़ ने घेर लिया, बेरहमी से पीटा और उनकी जान लेने की कोशिश की। बेटी का कहना है कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर उनके पिता को ही आरोपी और अपराधी बताया जाने लगा, जिससे परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
घायल एसआई की बेटी ने बताया कि उनके पिता पुलिस में शामिल होने से पहले भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो रह चुके हैं और उन्होंने 15 वर्षों तक भारतीय नौसेना की सेवा की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस जॉइन की और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे।
उन्होंने कहा कि उनके पिता प्रदर्शन स्थल पर अग्रिम पंक्ति में बैरिकेडिंग के पास तैनात थे, जहां भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे। बेटी के अनुसार, उनके पिता अक्सर घर लौटकर बताते थे कि आंदोलन अब केवल छात्रों का नहीं रह गया था, बल्कि उसमें कई असामाजिक तत्व भी शामिल हो चुके थे।
भीड़ ने घसीटा, पीटा और लगभग जान ले ली
बेटी ने दावा किया कि 25 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे जंतर-मंतर के पास मंच के निकट उनके पिता को उग्र भीड़ ने पकड़ लिया, घसीटा और बुरी तरह पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने उनके पिता की पीट-पीटकर हत्या करने की कोशिश की।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल एसआई को डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले जाया गया, जहां वह करीब चार घंटे तक बेहोश रहे। रात करीब 10 बजे उनके साथी पुलिसकर्मी उन्हें घर लेकर पहुंचे। बेटी ने बताया कि उस समय उनके पिता की वर्दी पूरी तरह खून से सनी हुई थी और परिवार के लिए वह दृश्य बेहद दर्दनाक था।
सोशल मीडिया पर पिता को अपराधी बताया गया
घायल अधिकारी की बेटी ने कहा कि जब उन्होंने सोशल मीडिया खोला तो वहां उनके पिता को अपराधी और दोषी बताया जा रहा था। अगले दिन उन्हें जानकारी मिली कि उनके पिता पर हमला करने के आरोपी पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहा है और पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें भी दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह सब देखकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा और उन्होंने अपने पिता के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला किया।
पुलिस परिवारों का मिला साथ, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा परिवार
बेटी ने बताया कि उन्हें अन्य पुलिसकर्मियों के परिवारों का भी समर्थन मिला। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और एक अधिवक्ता से अपनी बात अदालत के समक्ष रखने का अनुरोध किया।
उनके अनुसार, अधिवक्ता ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस देश के नागरिक होने के नाते उन्हें भी समान अधिकार प्राप्त हैं और न्यायपालिका से उन्हें भी न्याय मिलेगा।
घायल एसआई की बेटी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। इस मामले में विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं और पूरे घटनाक्रम की सुनवाई अदालत में जारी है।
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