
-मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाने और बरसात के पश्चात आवश्यकता के अनुसार उनका नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा, ऐसे में प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक परिस्थिति में पर्वों से पूर्व आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य पूर्ण किए जाएं। गड्ढामुक्ति का काम केवल पैचवर्क तक सीमित न रहे। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के पश्चात आवश्यकता के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अतिवृष्टि के साथ ही एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग, रेलवे आदि की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित कर गड्ढामुक्ति के विभागवार लक्ष्य तय किए जाएंगे।
आगामी पर्वों के दृष्टिगत प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग सम्मिलित हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से उनकी कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की। साथ ही, मण्डी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान में 9 विभागों के मार्ग सम्मिलित हैं। इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है, जिसमें अब तक करीब 5,751 किलोमीटर पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त मार्गों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य को अन्तिम रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब 5 हजार किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। अब तक नवीनीकरण में करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी है। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और ऐसे अन्य स्थानों, जहां आमजन का आवागमन अधिक रहता है, वहां की सड़कों को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मार्गों पर तत्काल कार्य प्रारम्भ कराया जाए और जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी किए सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ’नन्दी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, लोक निर्माण राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवन्त सिंह सैनी, जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद तथा ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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