
– हमलावरों की गिरफ्तारी और FIR में कार्रवाई की मांग, पॉडकास्ट में कथित कबूलनामे के बाद मामला गरमाया
नई दिल्ली। छात्रा और एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता पर हुए कथित हमले के मामले ने दिल्ली में तूल पकड़ लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान CJP से जुड़े सौरभ दास और आशुतोष रांका समेत कई समर्थक थाने के बाहर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निशु के पिता पर हमला करने वालों के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
सौरभ दास ने कहा कि संगठन हर छात्र के साथ खड़ा है और मामले में आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक आरोपी ने स्वयं एक पॉडकास्ट में हमले से जुड़ी बात स्वीकार की है।
क्या है पूरा मामला?
मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन में गाजियाबाद निवासी छात्रा और एक्टिविस्ट निशु आजाद भी शामिल हुई थीं।
निशु के अनुसार, उनके पिता संजय कुमार वहां उनका वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान खुद को हिंदुत्ववादी एक्टिविस्ट बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के साथ उनका विवाद हो गया।
निशु का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने मिलकर उनके पिता पर हमला किया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद संजय कुमार को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर पर कथित तौर पर 60 टांके लगाए गए।
निशु का दावा है कि वह मामले में कार्रवाई के लिए लगातार पुलिस के चक्कर काटती रहीं, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
पॉडकास्ट में कथित तौर पर हमले की बात स्वीकार करने का दावा
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो में वह कथित तौर पर निशु के पिता का सिर फोड़ने की बात स्वीकार करता सुनाई देता है।
कथित बातचीत में उसने कहा कि निशु के पिता के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और इस मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगनी चाहिए थीं। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि उसे कुछ प्रभावशाली नेताओं का समर्थन प्राप्त है और इसी कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उसने कुछ नेताओं के नाम लेते हुए उन्हें अपना समर्थनकर्ता बताया।
निशु ने राहुल गांधी से मांगी मदद
मामले को लेकर निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर राहुल गांधी से मदद की अपील की थी। इसके बाद राहुल गांधी द्वारा उनके वीडियो को साझा कर मदद का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई।
अब CJP के संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि निशु के पिता पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच की जाए और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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