
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्हें डाक के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र भेजा गया है। पत्र सामने आने के बाद चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनके कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर जानकारी दी है और आवश्यक कार्रवाई व सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
धमकी भरे पत्र में क्या लिखा था?
जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान को भेजे गए पत्र में अंग्रेजी में लिखा गया है, “You will be killed shortly by hardcore Terrorists”, जिसका अर्थ है कि उन्हें कट्टर आतंकवादियों द्वारा जल्द मार दिए जाने की धमकी दी गई है।
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद चिराग पासवान के कार्यालय की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी गई। केंद्रीय गृह सचिव को भेजे गए पत्र में पूरे मामले की जानकारी देते हुए आवश्यक सुरक्षा और उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
कहां से भेजा गया पत्र, जांच में जुटीं एजेंसियां
सूत्रों के मुताबिक, धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पत्र आखिर कहां से भेजा गया था। जांच एजेंसियां पत्र के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति से जुड़ी जानकारियां जुटा रही हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चिराग पासवान को धमकी देने के पीछे कौन है और इसके पीछे क्या मकसद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियां धमकी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री होने के साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा में हैं चिराग पासवान
बता दें कि चिराग पासवान इन दिनों आरक्षण में उप-वर्गीकरण और ‘क्रीमी लेयर’ के मुद्दे को लेकर भी चर्चा में हैं। इस मुद्दे पर चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली थी और दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई थी।
चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार सरकार में मंत्री उनके बेटे संतोष कुमार सुमन के इस्तीफे की मांग की थी।
चिराग पासवान का कहना था कि यदि मांझी और उनके बेटे अनुसूचित जाति आरक्षण के भीतर ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने या उप-वर्गीकरण के पक्ष में हैं, तो आरक्षण का लाभ ले चुके होने के नाते उन्हें नैतिकता के आधार पर सबसे पहले अपने मंत्री पदों से इस्तीफा देना चाहिए।
फिलहाल, चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में पत्र भेजने वाले व्यक्ति और उसके मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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