
नई दिल्ली/रांची। झारखंड में कथित भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित झारखंड सरकार के कार्यकाल में लगातार भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पार्टी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू का हमला
भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने कहा कि जब से झारखंड में कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार बनी है, तब से जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) सहित कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बड़े पैमाने पर लीक हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन राज्य सरकार अब भी गहरी नींद में सोई हुई है। साहू ने कहा कि कांग्रेस समर्थित सरकार ऐसे घोटालों में सीधे तौर पर शामिल है और युवाओं के रोजगार के अवसर छीन रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, लेकिन झारखंड में उसी पार्टी के नेता इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप हैं।
भाजपा सांसद संजय सेठ ने की CBI जांच की मांग
भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र पिछले पांच दिनों से भारी बारिश के बीच धरने पर बैठे हैं और उनकी केवल एक ही मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। उनके अनुसार, पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जहां कथित रूप से एक होटल बुक कर प्रश्नपत्रों के उत्तर लिखवाए गए। उन्होंने इसे झारखंड की व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि मामले की गहन जांच जरूरी है।
संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी अपील की कि यदि वे युवाओं के हितों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें तुरंत रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देना चाहिए और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।
झारखंड में कथित भर्ती परीक्षा पेपर लीक को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। विपक्ष जहां सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहा है, वहीं इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी तेज हो गई है।
हालांकि, पेपर लीक और सरकार की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप भाजपा नेताओं के बयान हैं। मामले की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष आना अभी बाकी है।
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