
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ: यूपी की राजधानी और कानपुर में मादक पदार्थों की तस्करी तेजी से बढ़ती जा रही है। बुधवार को कस्टम विभाग ने चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 4.041 करोड़ रुपये मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया। यह मादक पदार्थ दो थाई महिला यात्रियों के पास से बरामद हुआ, जो बैंकॉक से लखनऊ आई थीं। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि डेढ़ महीने पहले भी इसी प्रकार का 20 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया था, जो थाईलैंड से तस्करी के जरिए लाया गया था।
यह कार्रवाई कस्टम विभाग के नव नियुक्त उपायुक्त नन्देश्वर सिंह के नेतृत्व में की गई। उनकी टीम में अधीक्षक ज्योति सिंह और निरीक्षक शिवम् बाजपेई, आकाश दीक्षित, अंदीप यादव, अर्पित बाजपेयी, लोकेश, विवेक और अभिषेक शामिल थे। जांच के दौरान बैंकॉक से आई दोनों संदिग्ध महिला यात्रियों को रोका गया। एक्स-रे जांच में उनके ट्रॉली बैग में कुछ संदिग्ध पैकेट पाए गए। तलाशी लेने पर खाद्य पदार्थों के बीच छिपाए गए चार-चार पैकेट बरामद हुए, जिनमें हरे रंग का मादक पदार्थ मिला। परीक्षण के बाद यह गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड/मारिजुआना) निकला, जिसकी मात्रा 4.041 किलो आंकी गई।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार महिलाएं पेशेवर कैरियर (ड्रग म्यूल्स) हैं, जिन्हें गांजा तस्करी के लिए भेजा गया था। हाइड्रोपोनिक वीड को ताजा, उच्च गुणवत्ता वाला और अत्यधिक नशीला माना जाता है। थाईलैंड में इसकी कीमत प्रति किलो 25-30 लाख रुपये है, जबकि भारत में यह एक करोड़ रुपये प्रति किलो तक बिकता है। सूत्रों का कहना है कि गांजा की तस्करी अब सोने की तस्करी से ज्यादा मुनाफा देने वाली गतिविधि बन चुकी है। रेव पार्टियों, पब्स, बार्स और कॉलेजों के आसपास इस गांजा की भारी मांग है। लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में यह 2500 रुपये प्रति ग्राम तक बिक रहा है। महज 45 दिनों में लखनऊ एयरपोर्ट पर कुल 24 करोड़ रुपये से अधिक का गांजा जब्त होना इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि राजधानी के आसपास मादक पदार्थों का अवैध व्यापार तेजी से पनप रहा है।
