
लखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू (H1N1) के तीन नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मरीजों के इलाज और जांच को लेकर अस्पतालों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
हजरतगंज स्थित सिविल अस्पताल के CMS देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि अस्पताल में फ्लू के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं और उनके इलाज के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से 12 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।
CMS के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं। अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है और सभी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में जल्द ही RT-PCR जांच की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी है।
तेज सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द प्रमुख लक्षण
देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि स्वाइन फ्लू भी एक प्रकार का इंफ्लुएंजा है, लेकिन इसके लक्षण सामान्य फ्लू की तुलना में अधिक गंभीर हो सकते हैं। इसमें मांसपेशियों में तेज दर्द और सिरदर्द की शिकायत अधिक देखी जाती है। इसके अलावा निमोनिया होने की आशंका भी बढ़ सकती है।
उन्होंने बताया कि सामान्य फ्लू की तरह स्वाइन फ्लू भी कई मामलों में 3 से 5 दिन में ठीक हो सकता है, हालांकि लक्षण गंभीर होने पर चिकित्सकीय निगरानी और उचित उपचार जरूरी है।
सरकारी अस्पतालों में बेड और आइसोलेशन की व्यवस्था
स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल समेत प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को मरीजों की जांच और उपचार को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि बुखार से पीड़ित मरीजों की समय पर जांच कराई जाए और जरूरत के अनुसार उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए।

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