

नई दिल्ली। हर साल मई महीने का दूसरा रविवार मदर्स डे (Mother’s Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हर उस मां को समर्पित होता है, जो निस्वार्थ प्रेम, त्याग और समर्पण की मिसाल होती है। 2025 में मदर्स डे 11 मई को यानी आज है। यह दिन सिर्फ एक अवसर नहीं है, बल्कि एक एहसास है — उस औरत के प्रति, जो हमें इस दुनिया में लाती है, हमारे हर दुख-सुख में हमारे साथ होती है और बिना किसी स्वार्थ के हमें अपना सर्वस्व देती है।
मदर्स डे का इतिहास
मदर्स डे मनाने की परंपरा सबसे पहले अमेरिका में शुरू हुई। ऐना जार्विस नाम की महिला ने अपनी मां को श्रद्धांजलि देने के लिए यह दिन आरंभ किया, जो बाद में एक अंतरराष्ट्रीय पर्व बन गया। 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इसे आधिकारिक तौर पर मई के दूसरे रविवार को मनाने की घोषणा की। तब से लेकर अब तक यह दिन पूरी दुनिया में मां के सम्मान और प्यार के रूप में मनाया जाता है।
मां का प्यार: दुनिया की सबसे बड़ी ताकत
मां केवल जन्म देने वाली नहीं होती, बल्कि वह पहला गुरु, पहला दोस्त और पहला रक्षक होती है। वह खुद भूखी रहकर भी अपने बच्चों को खिलाती है, खुद थक जाए तो भी बच्चों को सुलाती है। एक मां के आशीर्वाद में इतनी शक्ति होती है कि जीवन की सबसे बड़ी बाधाएं भी आसानी से पार हो जाती हैं।
मदर्स डे को कैसे बनाएं खास?
इस खास दिन पर अपनी मां को एक प्यारा सा तोहफा देकर, उनके लिए कुछ स्पेशल बनाकर या उनके साथ समय बिताकर इस दिन को यादगार बना सकते हैं।
कुछ सुझाव:
मां के लिए खुद से बनाया हुआ नाश्ता या खाना
एक भावनात्मक पत्र या वीडियो संदेश
उनकी पसंद की कोई किताब, साड़ी या गहना
एक दिन की छुट्टी जिसमें वे सिर्फ आराम करें और आप सब काम संभालें
उनके बचपन या जवानी की यादों की एल्बम या स्लाइड शो
बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी का फर्ज
मदर्स डे सिर्फ बच्चों का ही नहीं, बल्कि हर उम्र के इंसान के लिए है। बड़े होकर भी मां के लिए समय निकालना, उनका ध्यान रखना और उनके अनुभवों को महत्व देना हमारी जिम्मेदारी है।
नारीत्व का उत्सव भी है मदर्स डे
आज की मां सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं। वे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, उद्यमी, पत्रकार और नेतृत्वकर्ता बनकर समाज को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे में मदर्स डे का मतलब सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव ही नहीं, बल्कि उनके कार्यों और संघर्षों को सम्मान देना भी है।
यह एलायंस टुडे का आधिकारिक न्यूज़ रूम (Digital Desk) है, जहां गुलजार वर्मा ( Gulzaar Verma ) जैसे पत्रकारों की एक अनुभवी टीम काम करती है जोकि ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों से मिली सूचनाओं को जिम्मेदारी के साथ प्रोसेस करके जनहित की खबरें पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है.



