
नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंध केवल निवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की साझेदारी Shared Growth, Shared Technology और Shared Prosperity के साझा विजन पर आधारित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख से अधिक MSMEs, 35 हजार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप राज्य की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। उन्होंने जापानी उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश को अपना ‘Second Industrial Home’ बनाने का आह्वान किया।
जापानी कंपनियों के लिए यूपी में बड़ा अवसर
सीएम योगी ने कहा कि जापान के पास दशकों का औद्योगिक अनुभव, तकनीकी दक्षता, रिसर्च क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस और Kaizen Philosophy है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास बड़ा बाजार, कुशल युवा शक्ति, औद्योगिक भूमि, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश के अनुकूल नीतियां हैं। दोनों की क्षमताओं का संयोजन प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग, MSME, स्किलिंग, R&D और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जापानी कंपनियां केवल फैक्ट्रियां स्थापित करने तक सीमित न रहें, बल्कि उत्तर प्रदेश में Technology, R&D, Skill Centres और Global Supply Chains का भी विकास करें।
एस्कॉर्ट कुबोटा परियोजना से 4 हजार रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने बताया कि ₹2,000 करोड़ से अधिक की एस्कॉर्ट कुबोटा परियोजना के तहत करीब 4,000 रोजगार सृजित होने की संभावना है। परियोजना के पहले चरण में हर वर्ष 60,000 ट्रैक्टर और 15,000 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के उत्पादन की क्षमता प्रस्तावित की गई है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जापानी कंपनियों के साथ एक Reliable Partner के रूप में खड़ी है और राज्य में दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
75 हजार एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास 75,000 एकड़ से अधिक का Dedicated Industrial Land Bank उपलब्ध है। विभिन्न एक्सप्रेसवे के किनारे रणनीतिक रूप से 27 Industrial Manufacturing and Logistics Clusters विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के पास देश के कुल एक्सप्रेसवे का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा 17 एयरपोर्ट, भारत का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सात शहरों में मेट्रो नेटवर्क, देश की पहली रैपिड रेल, इनलैंड वाटरवे और दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी सुविधाएं प्रदेश को मजबूत कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का लाभ देती हैं।
नोएडा एयरपोर्ट के पास विकसित हो रही ‘Japan City’
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट Japan City विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जापानी उद्योगों के लिए ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां निवेश, तकनीक, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ बढ़ावा मिल सके।
‘Land of Unlimited Potential’ है उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और जापान के संबंधों को प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है, जबकि उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ सूर्यवंश, लैंड ऑफ श्रीराम, लैंड ऑफ श्रीकृष्ण, लैंड ऑफ बुद्ध और लैंड ऑफ अनलिमिटेड पोटेंशियल’ है।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान के संबंधों में भगवान बुद्ध की करुणा, जीवन का अनुशासन और ‘मध्य मार्ग’ जैसे साझा मूल्य दिखाई देते हैं। इसी साझा विरासत को अब निवेश, नवाचार, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी सहयोग के जरिए मजबूत आर्थिक साझेदारी में बदलने का समय है।
‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ की दिशा में बढ़ रहा यूपी
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। राज्य में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तथा डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल कॉस्ट और गुड गवर्नेंस का मजबूत एडवांटेज है।
यामानाशी प्रीफेक्चर के साथ साझेदारी पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह सहयोग Trust, Technology, Culture, Investment और Shared Vision की मजबूत नींव पर आधारित है।
योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि जापान की तकनीकी क्षमता और उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति, बाजार तथा औद्योगिक संभावनाओं का मेल दोनों पक्षों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक विकास का आधार बन सकता है।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



