

एलायंस टुडे ब्यूरो
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के असमोली थाना क्षेत्र में तेंदुओं (leopard attack) की लगातार गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। सैदपुर जसकोली और शाहपुर सोत गांवों के बीच खेतों में अब दो तेंदुए दिखाई देने का दावा किया गया है। इससे ग्रामीणों में डर और भी गहरा हो गया है। गुरुवार को गांव सैदपुर जसकोली के निवासी लोकेश और मनोज ने अपने खेत में दो तेंदुओं को एक साथ देखने का दावा किया। इसके बाद पूरे गांव में खलबली मच गई। ग्रामीण अब खेतों की ओर अकेले जाने से डरने लगे हैं और बच्चों को भी घर से दूर नहीं जाने दे रहे हैं।
वन विभाग ने की एक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि
वन विभाग ने इलाके में एक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की है। इसके बाद विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और पिंजरा लगाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। साथ ही किसानों को हिदायत दी गई है कि वे अकेले खेतों पर न जाएं और पशुओं को बाहर न बांधें। लगातार तेंदुओं की गतिविधियों के चलते ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने और तेंदुओं को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि वे फसल की कटाई या सिंचाई के लिए भी अब खेतों में जाने से डर रहे हैं।
तेंदुए को पकड़ने के लिए जरूरी हैं ये संसाधन
तेंदुए को सुरक्षित और बिना किसी नुकसान के पकड़ने के लिए वन विभाग को निम्न संसाधनों की आवश्यकता होती है:
पिंजरा – तेंदुए को फंसाने के लिए मजबूत और सुरक्षित पिंजरा लगाया जाता है।
ट्रैंक्यूलाइजर गन – जानवर को बेहोश करने के लिए खास गन।
प्रशिक्षित चिकित्सक – जो ट्रैंक्यूलाइजर गन चलाकर सही मात्रा में दवा का इस्तेमाल करे।
क्या है ट्रैंक्यूलाइजर गन?
ट्रैंक्यूलाइजर गन एक विशेष प्रकार की गन होती है, जिससे किसी जंगली जानवर को बेहोश करने वाली दवा का डार्ट (तीर) दागा जाता है। यह गन आमतौर पर बाघ, तेंदुआ, हाथी या अन्य खतरनाक जानवरों को सुरक्षित रूप से काबू करने के लिए उपयोग की जाती है। जब दवा वाला डार्ट जानवर के शरीर में प्रवेश करता है, तो कुछ ही मिनटों में उसका असर शुरू हो जाता है और जानवर बेहोश होकर शांत हो जाता है। इससे वन विभाग की टीम बिना किसी खतरे के उसे पकड़ सकती है और उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर सकती है।
ग्रामीणों से की गई सावधानी बरतने की अपील
वन विभाग की टीम ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और मवेशियों को घर के बाहर न बांधें। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जल्द ही तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की जाएगी।
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