
10YearsOfUPI: फोटो एलायंस टुडे
–UPI के 10 साल पूरे: पीएम मोदी, अमित शाह और सीएम योगी ने बताया डिजिटल भारत की बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली। भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपने सफर के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। एक दशक पहले शुरू हुई UPI की यात्रा आज देश की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने UPI के 10 वर्ष पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों को रेखांकित किया और लोगों से अपने UPI अनुभव साझा करने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में एक बड़ा बदलाव लेकर आई। उन्होंने कहा कि UPI का विस्तार और पहुंच ऐसी उपलब्धि है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लोगों से पूछा कि UPI ने उनके जीवन को किस तरह प्रभावित किया और उनका अनुभव कैसा रहा।
अमित शाह ने बताया डिजिटल इंडिया की बड़ी उपलब्धि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने UPI को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवाचार के माध्यम से भारत के परिवर्तन की सोच का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली तैयार की है और डिजिटल इंडिया के माध्यम से लोगों को तेज, सहज और सुरक्षित भुगतान सुविधा उपलब्ध कराने की अपनी क्षमता साबित की है।
सीएम योगी बोले- गांव की दुकान से बड़े प्रतिष्ठान तक पहुंचा UPI
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPI के 10 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले शुरू हुई UPI की यात्रा आज भारत की डिजिटल सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता की वैश्विक पहचान बन चुकी है।
सीएम योगी ने कहा कि रेहड़ी-पटरी से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक और गांव की छोटी दुकानों से लेकर महानगरों तक एक QR कोड ने भुगतान को आसान और तेज बना दिया है। इससे छोटे व्यापारियों को नई शक्ति मिली है और आम नागरिकों के लिए लेन-देन अधिक सुविधाजनक हुआ है।
उन्होंने कहा कि UPI ने समय और दूरी की बाधाओं को कम करते हुए बैंकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा को आम लोगों तक पहुंचाया है। तकनीक अब अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बन रही है।
‘छुट्टा है क्या?’ से ‘स्कैनर है क्या?’ तक बदली तस्वीर
UPI की 10 साल की यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। एक पोस्ट में कहा गया कि कभी दुकानों पर ‘छुट्टा है क्या?’ पूछा जाता था, लेकिन आज आम सवाल बन गया है—’स्कैनर है क्या?’
शहरों से लेकर गांवों तक UPI ने डिजिटल भुगतान को तेजी से बढ़ावा दिया है। चाय, कॉफी और रोजमर्रा की छोटी खरीदारी से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े लेन-देन तक QR कोड के जरिए भुगतान अब लोगों की आदत का हिस्सा बन चुका है।
एक दशक में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना UPI
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अनुभवों में लोगों ने बताया कि अब सुबह की चाय से लेकर रात की खरीदारी तक भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई लोगों ने कहा कि 10 वर्ष पहले डिजिटल भुगतान का यह स्तर सामान्य नहीं था, जबकि आज कुछ सेकंड में मोबाइल से भुगतान करना बेहद सहज हो गया है।
एक पोस्ट में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 24,162 करोड़ UPI लेन-देन का आंकड़ा साझा करते हुए इसे भारत के डिजिटल बदलाव की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
UPI की 10 वर्षों की यात्रा ने भारत में भुगतान के तरीके को बदलने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया है। आज ‘हर दिन UPI, हर जगह UPI और हर किसी के लिए UPI’ डिजिटल भारत की बदलती तस्वीर का हिस्सा बन चुका है।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



