

महोबा: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में वह कथित तौर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ अपशब्द कहते सुनाई दे रहे हैं। यह घटना शुक्रवार को महोबा में हुई, जहां अजय राय कथित अपहरण और गैंगरेप पीड़ित NEET छात्रा से मिलने पहुंचे थे।
पीड़िता से मुलाकात के बाद अजय राय अपनी कार में बैठकर वापस जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपने एक कार्यकर्ता से बातचीत करते हुए पीएम मोदी, महोबा एसपी शशांक सिंह और उनकी मां के लिए कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यह बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने अजय राय पर हमला बोला। भाजपा नेताओं ने याद दिलाया कि 1 मई को जब अजय राय बीमार हुए थे, तब पीएम मोदी ने X पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस शिष्टाचार का जवाब अभद्रता से दे रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि अजय राय से पहले कांग्रेस नेता Rahul Gandhi भी ऐसे “कुसंस्कार” दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हताशा, निराशा और मानसिक दिवालियेपन के चरम पर पहुंच चुकी है और अब जनता से माफी मांगने की स्थिति में भी नहीं है।
अजय राय शुक्रवार को पीड़ित छात्रा से मिलने का कार्यक्रम बनाकर महोबा पहुंचे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लेकर महोबा जिले के कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। प्रशासन को भ्रमित करने के लिए उनका एक अलग रूट भी जारी किया गया था, जिसमें सिजहरी गांव जाने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, पुलिस को चकमा देते हुए अजय राय सीधे महोबा के समदनगर मोहल्ले में पीड़िता के रिश्तेदार के घर पहुंच गए और वहां छात्रा व उसके परिवार से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद अजय राय ने कहा, “हमें यहां पहुंचने के लिए कई बार रास्ता बदलना पड़ा, नहीं तो शायद हम परिवार तक नहीं पहुंच पाते। इस बच्ची का दर्द बहुत बड़ा है, जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह अपराधियों का साथ दे रही है और उन्हें बचा रही है। पीएम मोदी के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे का जिक्र करते हुए अजय राय ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश “बलात्कार का प्रदेश” बन गया है।
अजय राय ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा को 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, उसे नशीले इंजेक्शन दिए गए, प्रताड़ित किया गया और जबरन शादी कराई गई, लेकिन पुलिस निष्क्रिय बनी रही और आरोपियों को संरक्षण देती रही।
उन्होंने कहा कि छात्रा का सपना MBBS डॉक्टर बनने का था और उसकी NEET परीक्षा 3 मई को होनी थी, लेकिन इस घटना ने उसका भविष्य बर्बाद कर दिया।
अजय राय ने राज्य सरकार के सामने तीन मांगें रखीं जिसमें उन्होंने बोला, लापरवाह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को तुरंत 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को धमका रही है, लेकिन “राहुल गांधी के सिपाही” डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 में कांग्रेस की सरकार आने पर “दमनकारी अधिकारियों” के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच भाजपा IT सेल प्रमुख Amit Malviya ने X पर लिखा कि पीएम मोदी ने बीमारी के दौरान अजय राय का हालचाल पूछा था, लेकिन उन्होंने जवाब में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। भाजपा प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कहा कि कांग्रेस अब “गालीवादी पार्टी” बन चुकी है और इस तरह की भाषा विपक्ष की हताशा को दिखाती है।
पीड़ित छात्रा Madhya Pradesh के छतरपुर जिले की रहने वाली है और महोबा में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। उसकी परीक्षा 3 मई को होनी थी। आरोप है कि 30 अप्रैल को कोचिंग से लौटते समय उसका अपहरण कर लिया गया था।
इस मामले में तीन नामजद आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
16 मई को छात्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था कि कोचिंग से लौटते समय कार सवार लोगों ने उसका अपहरण किया। उसने आरोप लगाया कि उसे नशीला इंजेक्शन लगाया गया, 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और जबरन शादी कराई गई। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उसके हाथ पर चाकू से हमला किया गया, कई दिनों तक पेट कसकर बांधा गया और चिल्लाने पर सिगरेट से जलाया गया।

हालांकि, 19 मई को एक वीडियो सामने आया, जिसमें वही छात्रा उस युवक के साथ शादी करती दिखाई दी, जिस पर उसने अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वीडियो में लड़की लाल चुनरी में और आरोपी युवक सेहरा पहने दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि यह शादी प्रयागराज में हुई थी।
वीडियो में पंडित वैदिक मंत्रों के साथ शादी की रस्में कराते दिखाई दिए। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मिठाई खिलाई और मुस्कुराते हुए नजर आए। दोनों के हस्ताक्षर वाला एक मैरिज सर्टिफिकेट भी सामने आया है।
महिला थाने के प्रभारी मनीष पांडे ने बताया कि जब युवती पहली बार थाने पहुंची थी, तब उसने आरोपी युवक से शादी करने और उसके साथ रहने की इच्छा जताई थी। लेकिन बाद में अपने भाई के संपर्क में आने के बाद उसने बयान बदल दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि युवती ने Allahabad High Court में याचिका दाखिल कर अपने और अपने पति की सुरक्षा की मांग भी की थी।

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