

पश्चिम बंगाल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की पत्नी रिंकू घोष के बेटे श्रींजय दासगुप्ता की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है। 27 वर्षीय श्रींजय का शव न्यू टाउन स्थित उनके फ्लैट से बरामद हुआ। पेशे से आईटी पेशेवर श्रींजय को पहले न्यू टाउन के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, और फिर बिधाननगर अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच शुरू
पुलिस इस घटना को अप्राकृतिक मौत मानकर जांच में जुट गई है। फिलहाल जांचकर्ता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। श्रींजय का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में होने की संभावना है।
शादी के महज 25 दिन बाद हुई मौत
बता दें कि दिलीप घोष ने हाल ही में भाजपा नेत्री रिंकू मजूमदार से विवाह किया था। रिंकू एक तलाकशुदा महिला थीं और उनके पहले विवाह से श्रींजय दासगुप्ता उनके बेटे थे। जानकारी के मुताबिक, दिलीप घोष की मां चाहती थीं कि उनका बेटा दोबारा शादी करे, जिससे वह बहू के साथ कुछ समय बिता सकें। लेकिन शादी के मात्र 25 दिनों के भीतर ही रिंकू घोष के बेटे की अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन हैं दिलीप घोष?
दिलीप घोष का जन्म 1 अगस्त 1964 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में हुआ था। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में 1984 में सामाजिक जीवन में सक्रिय हुए और 2014 में भाजपा में शामिल हुए। 2015 में उन्हें पश्चिम बंगाल भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। 2016 में उन्होंने खड़गपुर सदर सीट से विधानसभा चुनाव जीता और फिर 2019 में मेदिनीपुर लोकसभा सीट से सांसद बने।
इस रहस्यमयी मौत की जांच अब पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। मामले में आगे की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद सामने आने की संभावना है।
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