

एलायंस टुडे ब्यूरो
बलिया: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया जनपद में गंगा नदी में डूबने से हुई तीन किशोरों की दर्दनाक मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत छात्रों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है और जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जाए तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने, पीड़ितों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं।
#UPCM @myogiadityanath ने जनपद बलिया में गंगा में डूबने से हुए हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतक के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को तत्काल अस्पताल…
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) May 30, 2025
घटना का विवरण
गुरुवार की सुबह दोकटी थाना क्षेत्र के सावनछपरा गांव निवासी विनय गोंड़ (14) पुत्र राजन गोंड़, संदीप गोंड़ (15) पुत्र योगेंद्र गोंड़ और बेचनछपरा निवासी वसीम (15) साइकिल से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकले थे। शाम तक जब तीनों छात्र घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। उसी दौरान किसी ने जगदीशपुर गंगा घाट पर लावारिस हालत में पड़ी साइकिल, चड्डी-बनियान और बैग में रखी कॉपियों पर लिखे नाम देखकर शाम करीब 6 बजे परिजनों को सूचना दी।
जैसे ही यह खबर मिली, परिजनों पर मानो वज्र टूट पड़ा। वे रोते-बिलखते घाट पर पहुंचे और वहां अपने बच्चों का सामान देखकर दहाड़ मारकर रोने लगे। आशंका जताई गई कि तीनों किशोर ट्यूशन के लिए निकले जरूर थे, लेकिन वे गंगा नदी में स्नान करने चले गए होंगे, जहां दुर्भाग्यवश वे डूब गए।
प्रशासन हरकत में आया
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह, सीओ बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी और दोकटी थानाध्यक्ष हरिशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। राहत व बचाव कार्य शुरू हुआ, लेकिन अंधेरा होने के कारण तत्काल सफलता नहीं मिली।
शुक्रवार की सुबह, तीनों किशोरों के शव गंगा नदी में उतराए हुए मिले, जिन्हें बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शवों की बरामदगी के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। स्कूल व गांव के लोग भी परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए एकत्र हो गए।
स्थानीय मांग और मुख्यमंत्री का निर्देश
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की हृदयविदारक घटनाओं से बचा जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दिशा में कार्यवाही के निर्देश देते हुए संबंधित घाटों पर निगरानी और सुरक्षा के उपाय बढ़ाने पर बल दिया है।
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