एलायंस टुडे ब्यूरो
कानपुर। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए कानपुर के वीर सपूत शुभम द्विवेदी को गुरुवार को ड्योढ़ी घाट पर हजारों लोगों की उपस्थिति में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं शुभम के घर हाथीपुर (कानपुर) पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पार्थिव शरीर को नमन किया, पिता से संवाद किया और पत्नी से आतंकी घटना की मार्मिक आपबीती सुनी। मुख्यमंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस घटना को क्रूर, वीभत्स और कायराना बताया। उन्होंने कहा कि यह कृत्य आतंकवाद के अंतिम सांसें गिनने का संकेत है। सरकार ऐसे अमानवीय कृत्यों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है, और जो इस साजिश में शामिल हैं, उन्हें उनके अपराध का अंजाम भुगतना ही होगा। मुख्यमंत्री ने कहा हिंदू बहनों के सामने उनके सिंदूर के साथ जो बर्बरता हुई, उसके जिम्मेदार आतंकवादियों और उनके आकाओं को न्याय अवश्य मिलेगा। इसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए।
आतंक के ताबूत में ठोंकी जा चुकी है अंतिम कील
परिवार को सांत्वना देने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर किया गया आतंकी हमला केवल शुभम द्विवेदी ही नहीं, बल्कि पूरे भारत पर हमला था। यह हमला सभ्यता पर कलंक है। उन्होंने बताया कि इस हमले में निर्दोष पर्यटकों से उनकी जाति और धर्म पूछकर वार किया गया, बहनों-बेटियों के सामने उनके सिंदूर उजाड़े गए यह दृश्य मानवता को शर्मसार करता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सीसीएस की उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सख्त निर्णय लिए गए। गृह मंत्री ने मौके का दौरा किया। अब भारत आतंकवाद और उग्रवाद के समूल नाश के लिए संगठित होकर आगे बढ़ रहा है।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर डबल इंजन सरकार का स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभम परिवार का इकलौता बेटा था, जिसकी दो महीने पूर्व ही शादी हुई थी। इस दुख की घड़ी में पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा, यह डबल इंजन सरकार है ऐसी सरकार जो आतंकी घटनाओं को लेकर जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत पर चलती है, जो न तो आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेती है, न ही किसी वोट बैंक की राजनीति में संलिप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने साझा किया परिवार का दर्द
बुधवार रात शुभम का पार्थिव शरीर लखनऊ होते हुए कानपुर पहुंचा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस शोक की घड़ी में परिवार के बीच पहुंचे और उनके दुःख में भागीदार बने। उन्होंने शुभम के पिता और पत्नी से विस्तृत संवाद किया, दुःख साझा किया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, सांसद रमेश अवस्थी, मंत्री प्रतिभा शुक्ला, कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शुभम की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी आतंक के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई की यह शुरुआत है।
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