
लखनऊ: उत्तर प्रदेश-जापान निवेश साझेदारी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापानी युवाओं और छात्रों के साथ एक खास अंदाज देखने को मिला। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापानी और भारतीय छात्रों से संवाद करते नजर आए। इस दौरान जापानी युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी भी ली।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी भी उपस्थित रहे। जापानी छात्रों के साथ मुख्यमंत्री की बातचीत और तस्वीरों ने भारत-जापान के बढ़ते जन-जन के संबंधों की झलक दिखाई। कुछ तस्वीरों में जापानी युवा मुख्यमंत्री के कंधे पर हाथ रखकर उनके साथ सेल्फी लेते भी नजर आए।
निवेश सम्मेलन के बाद बढ़ी साझेदारी की चर्चा
दरअसल, 19 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को सामने रखा था। उन्होंने कहा था कि भारत और जापान के संबंध केवल निवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की साझेदारी ‘शेयर्ड ग्रोथ, शेयर्ड टेक्नोलॉजी और शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी’ के साझा विजन पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश को अपना ‘सेकंड इंडस्ट्रियल होम’ बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSMEs, 35 हजार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप राज्य की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं।
जापानी तकनीक और यूपी की युवा शक्ति का मेल
योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जापान के पास दशकों का औद्योगिक अनुभव, तकनीकी दक्षता, रिसर्च क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस और काइजन फिलॉसफी है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास बड़ा बाजार, कुशल युवा शक्ति, औद्योगिक भूमि, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश के अनुकूल नीतियां हैं।
उन्होंने कहा था कि दोनों देशों की क्षमताओं का बेहतर संयोजन उत्तर प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग, MSME, स्किलिंग, R&D और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
जापानी युवाओं के साथ मुख्यमंत्री की यह मुलाकात निवेश और औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ भारत-जापान के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और युवा संबंधों की भी तस्वीर पेश करती नजर आई।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



