
कौशाम्बी। Kaushambi Firecracker Factory Blast मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में आईजी अजय कुमार मिश्रा ने लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए थे।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी शामिल हैं। Kaushambi Firecracker Factory Blast के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखा निर्माण और स्थानीय स्तर पर निगरानी को लेकर सवाल उठे थे।
मनौरी में सोमवार दोपहर हुआ था भीषण Kaushambi Firecracker Factory Blast
यह हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी इलाके में एयरफोर्स स्टेशन के निकट हुआ था। बताया गया कि बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित एक मकान में पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। सोमवार दोपहर अचानक मकान से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके कुछ ही देर बाद पटाखों में तेज धमाके शुरू हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, Kaushambi Firecracker Factory Blast इतना शक्तिशाली था कि आसपास का इलाका दहल उठा। धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ स्थानों पर निर्माण ढहने के कारण लोगों के मलबे में दबे होने की भी सूचना मिली।
बताया गया कि विस्फोटों का सिलसिला करीब एक घंटे तक रुक-रुककर चलता रहा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
Kaushambi Firecracker Factory Blast में मलबे से मिले 11 शव, कई लोग घायल
शुरुआती सूचना में पांच लोगों की मौत और 22 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। हालांकि, राहत एवं बचाव कार्य आगे बढ़ने के साथ शाम तक 11 लोगों के शव मिलने की पुष्टि हुई।
मृतकों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। हादसे में जान गंवाने वालों में प्रियांजलि (5), प्रवीन सिंह (13), जाह्नवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ग्यान सिंह (40), एक अन्य आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नन्हा (4) शामिल बताए गए।
घायलों को बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया। Kaushambi Firecracker Factory Blast के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया था।
आसपास के प्रतिष्ठानों में भी मौजूद थे लोग
घटना के समय विस्फोट स्थल के आसपास स्थित अन्य प्रतिष्ठानों में भी लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया कि पास के एक बूंदी कारखाने और आटा चक्की में भी लोग मौजूद थे। लगातार हो रहे धमाकों और आग के कारण बचाव कार्य में भी काफी मुश्किलें आईं।
स्थिति पर काबू पाने के बाद मलबा हटाने के लिए मशीनों की मदद ली गई। कौशाम्बी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, अब विभागीय कार्रवाई
Kaushambi Firecracker Factory Blast के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे कि आखिर आबादी के नजदीक पटाखा निर्माण का काम कैसे संचालित हो रहा था और इसकी निगरानी में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
अब आईजी स्तर से सात पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई को इसी मामले में विभाग की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, विस्फोट के कारणों, फैक्ट्री के लाइसेंस और अन्य जिम्मेदारियों को लेकर जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Kaushambi Firecracker Factory Blast एक बार फिर पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।

UP Desk, एलायंस टुडे की राज्य स्तरीय न्यूज़रूम टीम है, जो उत्तर प्रदेश की सभी छोटी बड़ी ख़बरों जैसे राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, कानून व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को कवर करती है। हमारी टीम में विष्णु चंद्र ( Vishnu Chandra ) जैसे कई संवाददाता मौजूद हैं.



