
एलायंस टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली: भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी जनरल सोफिया कुरैशी ने हाल ही में “ऑपरेशन सिंदूर” में अपने नेतृत्व से देश को गौरवान्वित किया है। वहीं, उनकी बहन शायना कुरैशी ने क्रिएटिव इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है, जहाँ वे एक प्रोडक्शन हाउस की प्रमुख हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की वीरांगना
जनरल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में पुरुषों की बटालियन का नेतृत्व किया। हाल ही में, उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की रोकथाम और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना था। उनके नेतृत्व में यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे उनकी रणनीतिक क्षमता और नेतृत्व कौशल की सराहना हुई।
जनरल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं:
संयुक्त राष्ट्र मिशन: 2016 में, उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में 500 भारतीय सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व किया, जो किसी महिला अधिकारी द्वारा पहली बार था।
साइबर रक्षा: 2017 से 2022 तक, उन्होंने भारत की साइबर रक्षा कमान में उप महानिदेशक के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने सैन्य साइबर रणनीति और प्रशिक्षण में योगदान दिया।
प्रशिक्षण और शिक्षा: उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज में अतिथि संकाय के रूप में भी सेवा दी है, जहाँ वे रक्षा और रणनीतिक अध्ययन में विशेषज्ञता प्रदान करती हैं।
पुरस्कार और सम्मान: उन्हें विशेष सेवा पदक, ऑपरेशन विजय पदक, संयुक्त राष्ट्र पदक और गांधी शांति पुरस्कार जैसे कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।
क्रिएटिव इंडस्ट्री में एक सफल उद्यमी
शायना कुरैशी एक प्रोडक्शन हाउस की प्रमुख हैं, जो विज्ञापन, कॉर्पोरेट वीडियो और अन्य क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स का निर्माण करता है। उनके नेतृत्व में, प्रोडक्शन हाउस ने कई सफल प्रोजेक्ट्स को अंजाम दिया है, जो क्रिएटिव इंडस्ट्री में उनकी विशेषज्ञता और प्रबंधन कौशल को दर्शाते हैं।
जहाँ एक ओर जनरल सोफिया कुरैशी ने देश की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है, वहीं शायना कुरैशी ने क्रिएटिव इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। दोनों बहनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में समर्पण और मेहनत से सफलता प्राप्त की है, जो उन्हें प्रेरणास्रोत बनाता है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ एक सटीक और तीव्र सैन्य अभियान था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के प्रतिशोध में की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे।
लक्ष्य: पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाना, जिनमें बहावलपुर, मुरिदके, गुलपुर और कोटली शामिल थे।
समयावधि: सिर्फ 25 मिनट में अभियान को अंजाम दिया गया, जिसमें लगभग 70 आतंकवादियों का सफाया किया गया।
तकनीकी सहयोग: इसरो और मैक्सार से प्राप्त उपग्रह इंटेलिजेंस का उपयोग कर सटीक लक्ष्य निर्धारण किया गया।
सैन्य समन्वय: थल सेना, वायु सेना और नौसेना के संयुक्त प्रयास से अभियान को सफल बनाया गया।
परिणाम: पाकिस्तान के नूर खान और रहीम यार खान एयरबेस को गंभीर क्षति पहुँची, जिससे उनकी सैन्य क्षमताओं पर प्रभाव पड़ा।
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