-संघर्ष समिति ने लगाया आरोप
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन निजीकरण के नाम पर वर्टिकल सिस्टम लागू कर रहा है और इसके बहाने बिजली कर्मियों के हजारों पद समाप्त किये जा रहे हैं। अकेले राजधानी में ही 8000 से अधिक पद समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह मनमाने ढंग से हजारों पदों को समाप्त करने के मामले में तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें अन्यथा पावर कार्पोरेशन प्रबंधन प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर देने पर आमादा है। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि लेसा में 2055 नियमित पद और लगभग 6000 संविदा कर्मियों के पद मनमाने ढंग से समाप्त पर पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन प्रदेश की राजधानी की बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने का काम कर रहा है जिसका उपभोक्ता सेवा पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ने जा रहा है।
संघर्ष समिति ने बताया कि वर्तमान में लेसा में अधीक्षण अभियंता स्तर के 12 पद स्वीकृत है, उन्हें घटाकर आठ किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता स्तर के 50 पद स्वीकृत है उन्हें घटाकर 35 किया जा रहा है। सहायक अभियंता स्तर के 109 पद स्वीकृत हैं, उन्हें घटाकर 86 किया जा रहा है। अवर अभियंता स्तर के 287 पर स्वीकृत है, उन्हें घटाकर 142 किया जा रहा है और टीजी 2 के 1852 पर स्वीकृत हैं, उन्हें घटाकर 503 किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त लेखा संवर्ग में अकाउंटेंट के 104 पद हैं, उन्हें घटाकर 53 किया जा रहा है। एग्जीक्यूटिव अस्सिटेंट के 686 पद हैं, उन्हें घटाकर 280 किया जा रहा है और कैंप असिस्टेंट के 74 पद हैं, उन्हें लगभग समाप्त कर 12 किया जा रहा है ।
संघर्ष समिति ने बताया कि पद समाप्त करने और छटनी के मामले में सबसे बड़ी मार संविदा कर्मियों पर पड़ रही है। संविदा कर्मियों के छह हजार से अधिक पद समाप्त किए जा रहे हैं।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि जिस प्रकार मध्यांचल में लेसा, केस्को और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में हजारों पद समाप्त किये जा रहे हैं। इससे बिजली कर्मियों कि यह आशंका और बलवती हो गई है की संपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण किया जा जाने वाला है। पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम तो शुरुआत मात्र है। इससे बिजली कर्मियों का गुस्सा और बढ़ गया है।
यह एलायंस टुडे का आधिकारिक न्यूज़ रूम (Digital Desk) है, जहां गुलजार वर्मा ( Gulzaar Verma ) जैसे पत्रकारों की एक अनुभवी टीम काम करती है जोकि ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों से मिली सूचनाओं को जिम्मेदारी के साथ प्रोसेस करके जनहित की खबरें पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है.



