

रांची: झारखंड में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को एक बार फिर तेज हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्रों के समर्थन में रांची में पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
ABVP कार्यकर्ताओं ने झारखंड विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में आवाज उठाते नजर आए।
दरअसल, झारखंड में छात्र संगठनों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से मांगें उठा रहे हैं। आंदोलन में JPSC और JSSC के अभ्यर्थियों की मांगें प्रमुख हैं। प्रदर्शनकारी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।
BJP ने सरकार पर लगाया छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग CBI जांच है, जिससे दोषियों को पकड़ा जा सके और निर्दोष लोगों को राहत मिल सके।
मरांडी ने कहा कि लाठी के बल पर आवाज को दबाया नहीं जा सकता और छात्रों का आंदोलन आगे और तेज हो सकता है। उन्होंने सोमवार को छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में भाजपा ने छात्रों के समर्थन में मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है।
JMM ने BJP पर छात्रों को भड़काने का लगाया आरोप
वहीं, JMM सांसद महुआ माजी ने भाजपा पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत की गई है और उनकी 98 फीसदी मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं, जबकि बाकी मांगें सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं।
महुआ माजी ने JSSC-CGL मामले का जिक्र करते हुए कहा कि मामला अदालत में है और इसे रद्द करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उनके मुताबिक, परीक्षा रद्द करने से कई युवाओं के साथ अन्याय हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मामले को देखने की बात कही है, लेकिन इसके लिए कुछ समय की जरूरत है।
इससे पहले सोमवार को JPSC और JSSC के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव मार्च किया था। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसके बाद छात्रों के समर्थन में ABVP के प्रदर्शन ने मामले को और राजनीतिक रूप दे दिया है।
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