
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। विकासनगर स्थित एक निजी स्कूल में रक्षाबंधन के अगले ही दिन एक ऐसा फैसला लिया गया, जिसने न केवल बच्चों को भावनात्मक रूप से आहत किया बल्कि अभिभावकों को भी हैरान और नाराज़ कर दिया। मंगलवार सुबह, राखी बंधवाकर और त्योहार की मिठास के साथ स्कूल पहुंचे बच्चों की राखियां प्रार्थना सभा के दौरान ही कटवा दी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभा के बीच में अचानक माइक से घोषणा की गई कि सभी बच्चों की राखियां काटी जाएं। इसके बाद कक्षाओं में कैंची मंगवाकर बच्चों की कलाइयों पर बंधी राखियां काट दी गईं। इस घटना ने छोटे बच्चों को हतप्रभ कर दिया, वहीं कई बच्चों ने उदासी में घर लौटकर अपनी भावनाएं माता-पिता से साझा कीं।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने इस फैसले के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी। न तो कोई लिखित सूचना जारी की गई और न ही वॉट्सऐप ग्रुप में कोई संदेश भेजा गया। पास में रहने वाले प्रेमचंद नामक अभिभावक ने बताया, “स्कूल से निकलते समय बच्चों से सुना कि उनकी राखियां काट दी गईं। यह सुनकर हम सब हैरान रह गए।”
अभिभावकों ने कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्यार, विश्वास और संरक्षण का प्रतीक है। इसे इस तरह अचानक काट देना बच्चों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर स्कूल में ऐसा आदेश क्यों और किसके निर्देश पर दिया गया। घटना से आक्रोशित कई अभिभावकों ने बुधवार को स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक स्कूल प्रशासन इस फैसले की वजह स्पष्ट नहीं करता और माफी नहीं मांगता, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। मामले में स्कूल प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अभिभावकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में प्रबंधन इस पर अपनी स्थिति साफ करेगा, लेकिन तब तक यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहेगा।
