
बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बलरामपुर में ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के अंतर्गत आयोजित स्टडी टेबल व आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने शारदीय नवरात्रि और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रदेश की बेटियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, बालिका शिक्षा और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शारदीय नवरात्रि की प्रथम तिथि है। इस दिन मां भगवती के शैलपुत्री स्वरूप की उपासना की जाती है। यह विशेष संयोग है कि इसी दिन अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस भी मनाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश की सभी बालिकाओं को नवरात्रि और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास
योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही भारत की मान्यता रही है, ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।’ इसका अर्थ है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।
उन्होंने कहा कि बेटी हो, बहन हो या कोई महिला, उसकी सुरक्षा हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। इसकी मुख्य थीम महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन है।
कन्या सुमंगला योजना में जन्म से उच्च शिक्षा तक सहायता
मुख्यमंत्री ने बेटियों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र बेटियों के विवाह के लिए ₹1 लाख की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना और परिवारों को आर्थिक सहयोग देना है।
1.60 करोड़ बच्चों को मिल रहीं शैक्षिक सुविधाएं
योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में बेहतर फर्श, फर्नीचर और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष दो सेट यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराने के लिए अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। प्रदेश में करीब 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को इस सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।
बलरामपुर में आयोजित ‘शिक्षा की उड़ान’ कार्यक्रम के तहत स्टडी टेबल और आशीर्वाद पत्र का वितरण भी इसी शैक्षिक प्रोत्साहन की पहल का हिस्सा रहा।
1.10 करोड़ परिवारों को पेंशन का लाभ
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में निराश्रित महिला, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन के माध्यम से करीब 1 करोड़ 10 लाख परिवारों को सालाना ₹12,000 की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मिलने वाले आवास की राशि महिला मुखिया के नाम पर देने का निर्णय किया गया है, ताकि मकान का मालिकाना अधिकार भी महिला के पास रहे। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक घरौनियां वितरित कर लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना अधिकार प्रदान किया गया है।
वीरांगनाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान
योगी आदित्यनाथ ने भारतीय इतिहास की वीरांगनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना अवंती बाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई जैसी महिलाओं ने अपने साहस और पराक्रम से समाज को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि इन वीरांगनाओं से प्रेरणा लेकर स्वतंत्र भारत में भी अनेक महिलाओं ने अपने परिश्रम और प्रतिभा से समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, महिला सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को रेखांकित करते हुए बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

अनुपम चंद्र ( Anupam Chandra ) एक ग्राउंड रिपोर्टर और कंटेंट लेखक हैं। वे डिजिटल मीडिया की तकनीकी बारीकियों और कंटेंट क्रिएशन के नए तौर-तरीकों की गहरी समझ रखते हैं।



