
एलायंस टुडे ब्यूरो
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर कार्रवाई कर रही है। सोमवार को प्रशासनिक टीमों ने चार जिलों में 20 से अधिक अवैध मदरसों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किया। कब्जे की जमीन और तालाबों पर बने इन अवैध निर्माणों पर सरकार का बुलडोजर चला।
अब तक 32 अवैध मदरसों पर हो चुकी है कार्रवाई
श्रावस्ती के जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन ने 12 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को सील किया, क्योंकि वे वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। अब तक कुल 32 अवैध मदरसों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद भी ढहाई गई
भिनगा तहसील के भरथा रोशनगढ़ गांव में स्थित एक मस्जिद, जो आंशिक रूप से सरकारी जमीन पर बनी थी, उसे भी तोड़ दिया गया। महराजगंज के डीएम अनुनय झा के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित एक अवैध ढांचे को, जिसे मजार में तब्दील करने की योजना थी, ग्राम प्रधान की मौजूदगी में हटाया गया।
तालाब की जमीन से हटाया गया मदरसा
रामनगर गांव (ठूठीबारी थाना क्षेत्र) में तालाब की जमीन पर बने एक अवैध मदरसे को भी ध्वस्त किया गया। वहीं, लखीमपुर खीरी में मजिस्ट्रेट दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार, कृष्णानगर कॉलोनी की अस्थायी मस्जिद हटाई गई और चंदन चौकी गांव में 80 साल पुरानी अवैध ईदगाह पर भी कार्रवाई जारी है।
श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और बहराइच में भी एक्शन
बहराइच में सात अवैध मदरसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। जिले की डीएम मोनिका रानी ने बताया कि बीते चार दिनों में कुल 91 साइटों को मुक्त कराया गया, जिनमें दो अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। इसके अलावा श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर जिलों में भी अवैध धार्मिक निर्माणों को हटाया गया है। यह अभियान प्रदेश सरकार के “कानून का राज” सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें अवैध निर्माणों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
