
एलायंस टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली/लखनऊ। देश की राजनीति सोमवार को उस समय गरमा गई, जब विपक्ष के करीब 300 सांसद चुनाव में धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पैदल मार्च पर निकले। इस प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के दिग्गज नेता शामिल हुए। मार्च के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नारेबाजी हुई और कई जगह विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच तनातनी भी देखने को मिली।
मार्च के बीच में ही पुलिस ने कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कन्नौज सांसद डिंपल यादव समेत कई सांसदों को हिरासत में ले लिया। सभी को संसद मार्ग स्थित संसद पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हिरासत के दौरान भी विपक्षी सांसद ‘वोट चोरी बंद करो’ और ‘वोटर वैरिफिकेशन (SIR) प्रक्रिया वापस लो’ जैसे नारे लगाते रहे।
अखिलेश ने फांदी बैरिकेडिंग, डिंपल ने लगाया बूथ कैप्चरिंग का आरोप
मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने पुलिस की बैरिकेडिंग फांद दी। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमने चुनाव आयोग को 18 हजार डिलीटेड वोटर्स की लिस्ट दी है। उपचुनाव में वोटों की लूट हुई है। जो डीएम इसमें शामिल थे, सरकार उन्हें तत्काल निलंबित करे। वहीं, सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यूपी के उपचुनाव में बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग हुई है और चुनाव आयोग को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
राहुल गांधी बोले – “ये संविधान बचाने की लड़ाई है”
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा, “मैं ज्यादा बोल नहीं सकता, लेकिन सच्चाई देश के सामने है। यह राजनीतिक नहीं बल्कि संविधान बचाने की लड़ाई है। यह एक व्यक्ति, एक वोट के अधिकार की लड़ाई है। हमें एक साफ-सुथरी वोटर लिस्ट चाहिए।”
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर गई है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कहा, “ये लोग कायर हैं, इसलिए विरोध को दबाने के लिए गिरफ्तारियां कर रहे हैं।” प्रियंका गांधी के साथ अन्य सांसद भी ‘SIR प्रक्रिया वापस लो’ के नारे लगाते रहे।
संसद से लेकर सड़क तक हंगामा
इससे पहले संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग के जरिए लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
शिवपाल यादव का बयान – “ये छलांग लोकतंत्र बचाने की कसम पर थी”
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखिलेश यादव की बैरिकेडिंग फांदने वाली तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “संघर्ष की पहचान – रुकना नहीं, टकराना है। जब हक की आवाज रोकने को बैरिकेड खड़े हों, तो समाजवादी पीछे नहीं हटते। बैरिकेड तोड़ते हैं, कूदते हैं, ललकारते हैं। आज अखिलेश यादव की छलांग सिर्फ लोहे पर नहीं थी, ये छलांग थी लोकतंत्र बचाने की कसम पर।”
लखनऊ में भी विरोध – बारिश में भिड़े छात्र
दिल्ली में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही लखनऊ में समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पुलिस से उनकी झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोट चोरी बंद करो’ के नारे लगाए। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने भेजा।
राजनीतिक असर
वोटर वैरिफिकेशन (SIR) प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे देशभर में आंदोलन तेज करेंगे।
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