

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस सांसदों ने NEET परीक्षा में कथित धांधली और देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
इससे पहले मंगलवार को भी इन मुद्दों को लेकर संसद में जोरदार हंगामा हुआ था, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। इसी दौरान CJP के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी धरने पर बैठ गए थे। बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
राहुल गांधी ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NEET पेपर लीक मामले पर गृह मंत्री से संसद में विस्तृत बयान देने की मांग प्रमुख रही। कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
संसद के भीतर और बाहर जारी इस टकराव के बीच NEET और पेपर लीक का मुद्दा मॉनसून सत्र के प्रमुख राजनीतिक विषयों में बना हुआ है।
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