
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ। बढ़ते वैश्विक तनाव और संभावित हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा तैयारियों को परखने और आम जनता को जागरूक करने के लिए बुधवार रात राजधानी लखनऊ की पुलिस लाइन में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा ब्लैकआउट और हमले के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास, जिसमें खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर पहुंचकर इसकी गंभीरता और संचालन का जायजा लिया।
इस महत्वपूर्ण मॉकड्रिल में लगभग 5,000 नागरिकों की सहभागिता रही। इनमें स्कूली छात्र, कॉलेज विद्यार्थी, स्वयंसेवी संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और सुरक्षा बलों के जवान शामिल थे। सभी को युद्ध जैसे आपातकालीन हालात में खुद को सुरक्षित रखने के उपायों की जानकारी दी गई।
रात में तय समय पर सायरन बजाकर पूरे क्षेत्र को ब्लैकआउट किया गया — यानी चारों ओर की लाइटें बंद कर दी गईं, ताकि आकाश से आने वाले संभावित हमले में दुश्मन को लक्ष्य न दिख सके। इसके बाद हमले के बाद की स्थिति का सजीव प्रदर्शन (live simulation) किया गया, जिसमें दिखाया गया कि धमाके या हमले के बाद कैसे रेस्क्यू टीमें घायलों तक पहुंचती हैं, कैसे प्राथमिक उपचार दिया जाता है, और उन्हें कैसे सुरक्षित स्थानों या अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है।
सिविल डिफेंस, पुलिस, एनडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग और होमगार्ड्स की टीमों ने मिलकर यह रेस्क्यू ड्रिल की। मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों ने स्ट्रेचर और एम्बुलेंस की मदद से घायलों की भूमिका निभा रहे लोगों को उठाकर तत्काल मेडिकल सहायता देना शुरू किया। वहीं, फायर ब्रिगेड ने आग से निपटने का प्रदर्शन किया और सिविल डिफेंस कर्मियों ने उपस्थित लोगों को सिर और शरीर की सुरक्षा के उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे ऐसी मॉकड्रिल्स को गंभीरता से लें, सतर्क रहें और आपातकालीन हालात में धैर्य बनाए रखें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की मॉकड्रिल आयोजित की जाएंगी। यह मॉकड्रिल न केवल सुरक्षा बलों की तैयारी की परीक्षा थी, बल्कि जनता को जागरूक करने का एक सशक्त प्रयास भी था। नागरिकों में इसे लेकर उत्साह और जागरूकता दोनों देखने को मिलीं।
