
कासगंज: बुधवार रात करीब 9:30 बजे आई तेज़ आंधी और बारिश ने जिले में भारी तबाही मचा दी। सबसे भयंकर असर लहरा गांव में देखने को मिला, जहां तेज़ हवा के चलते झोपड़ियों में आग लग गई। आग की चपेट में आकर सात झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, जिनमें लाखों रुपये की संपत्ति और मवेशी भी जल गए। सात पशुओं की मौत हो गई, वहीं जिले के अन्य हिस्सों में दीवार गिरने की घटनाओं में तीन और मवेशियों की जान चली गई। तेज़ आंधी के चलते सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जिससे कई इलाकों की बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है। विद्युत विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बिजली लाइनों की मरम्मत में जुटी हैं। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी प्रभावित रहा।
मौतों का सिलसिला आंधी बनी काल
रफातपुर: भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा के मेडिकल स्टोर पर काम कर रहे अशोक कुमार की दीवार गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई।
जमालपुर, सहावर: रोजगार सेवक दिव्या देवी की छत पर सोते समय उड़ते सोलर पैनल से सिर टकराने से मौत हो गई। वे पहले अपने बच्चों को नीचे सुरक्षित उतार चुकी थीं।
बाछमई: सुशीला की आंधी के दौरान छत से उतरते समय गिरकर मौके पर ही मौत हो गई।
नगला धोकल: श्यामा देवी की दीवार गिरने से मौत।
मनव्वरी: एक अन्य महिला की दीवार गिरने से जान चली गई।
मंडनपुर, पटियाली: सुरेश चंद्र की आंधी में छत से गिरने से मृत्यु हो गई।
घायलों का इलाज जारी
सुरेंद्र सिंह (करुवारा, सोरोंजी)
नीरज व उनका बेटा (रोहनसिंहपुर, अलीगढ़)
माधुरी (नगला गंगा, जसराना, फिरोजाबाद)
रामदास (भिटौना)
चंद्रपाल (नगला चौबारा, अमांपुर)
लहरा गांव में जलकर राख हुई गृहस्थी
आंधी के बीच आग ने लहरा गांव में भयानक रूप धारण कर लिया।
खुशीराम: 20 क्विंटल गेहूं, 10 क्विंटल लहसुन, कपड़े, ₹50,000 नकद और तीन बकरियां आग की भेंट चढ़ीं।
कालीचरन: 10 क्विंटल लहसुन, 10 क्विंटल गेहूं, 50 क्विंटल भूसा और गाय का बछड़ा जल गया।
धराधर मिश्रा: 40 क्विंटल भूसा स्वाहा।
रमन सिंह: तीन बकरियां और झोपड़ी का पूरा सामान।
राजेंद्र: 25 क्विंटल गेहूं, तीन क्विंटल सरसों, थ्रेसर मशीन समेत गृहस्थी जलकर राख।
गंगाधर और रामकिशोर: पंपिंग सेट मशीन, 15 क्विंटल भूसा और अन्य सामान भी नहीं बच सका।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में कई घंटे लगे। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी एसडीएम को मौके पर जाकर क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं और बताया कि दैवीय आपदा राहत निधि से सहायता दी जाएगी। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने पीड़ितों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया और मुआवजे की प्रक्रिया तेज़ करने का निर्देश दिया। इस प्राकृतिक आपदा से पूरे जिले में हाहाकार मच गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है, लेकिन पीड़ित परिवारों का जीवन फिर से पटरी पर लौटने में वक्त लगेगा।
