
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ: समाजवादी पार्टी की ओर से चलाए जा रहे PDA पाठशाला अभियान पर अब विवादों के बादल मंडराने लगे हैं। लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय परिसर में अवैध रूप से पाठशाला चलाने के आरोप में सपा नेत्री पूजा शुक्ला (Pooja Shukla) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सरकारी स्कूल में जबरन घुसकर शुरू की पाठशाला
शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दी गई है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी स्कूल उमर भारी, जिसे कम नामांकन के चलते पहले ही बंद कर दिया गया था, वहां 31 जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने जबरन ताला तोड़कर स्कूल परिसर में प्रवेश किया। प्रधानाध्यापक आशुतोष मिश्रा के मुताबिक, स्कूल की एक चाबी उनके पास और दूसरी रसोइया मालती के पास थी। लेकिन आरोप है कि ताला तोड़कर स्कूल का गेट खुलवाया गया और बिना अनुमति के कक्षाओं, बरामदे और फर्नीचर का इस्तेमाल कर एक नई पाठशाला शुरू कर दी गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस कथित पाठशाला में सपा नेता पूजा शुक्ला को बच्चों को पढ़ाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। जब विभाग को इसकी जानकारी 1 अगस्त को मिली, तो उन्होंने तत्काल स्कूल को दोबारा बंद कराया और FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग का साफ कहना है कि इस पाठशाला संचालन के लिए न तो जिला प्रशासन और न ही शिक्षा विभाग से कोई अनुमति ली गई थी। इसे पूरी तरह अवैध बताया गया है।
BNS की धाराओं में केस दर्ज
सैरपुर थाने में पूजा शुक्ला और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324(4) और 329(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब जांच कर रही है और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
सपा नेत्री का पलटवार: आंदोलन नहीं रुकेगा
इस पर पूजा शुक्ला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक द्वेष पर आधारित है। योगी सरकार PDA पाठशाला से डर गई है, इसलिए एफआईआर करवा रही है। लेकिन हम समाजवादी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। हमारा आंदोलन जारी रहेगा और वंचित बच्चों को शिक्षा देने का काम होता रहेगा।”
