
एलायंस टुडे ब्यूरो
लखनऊ: मोहर्रम के मौके पर निकाले गए जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने इस वर्ष विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के मार्गदर्शन तथा डीसीपी पश्चिमी के नेतृत्व में पुलिस बल, केंद्रीय पुलिस बल, आरएएफ, आरआरएफ, पीएसी व सिविल डिफेंस के जवानों ने 9वें मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल रूप से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हेतु पुलिस द्वारा रूट मार्च किया गया। साथ ही ड्रोन कैमरों की सहायता से निगरानी रखी गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इस अवसर पर डीसीपी ईस्ट लखनऊ के निर्देशन में पूर्वी जोन की पुलिस टीम ने ‘मॉर्निंग वॉक’ पर निकले नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस संवाद के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षा का एहसास दिलाया गया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को भी संज्ञान में लिया गया। उधर, डीसीपी नॉर्थ श्री गोपाल कृष्ण चौधरी ने मोहर्रम को देखते हुए थाना जानकीपुरम स्थित शाही मस्जिद की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा इस प्रकार की योजनाबद्ध और बहुस्तरीय तैयारी से यह सुनिश्चित किया गया कि मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर कोई भी अप्रिय घटना न हो और नागरिक पूरे विश्वास और सम्मान के साथ त्योहार मना सकें। लखनऊ पुलिस द्वारा उठाए गए इन कदमों से न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली, बल्कि आम जनमानस में भी विश्वास और भरोसे का वातावरण बना।
